आधुनिक शिक्षा एक घातक हथियार है : Yogesh Mishra
शिक्षा का तात्पर्य समग्र विकास है किन्तु विशेषज्ञता की शिक्षा के बहाने आज जो पढ़ाया जा रहा है वह हमें शिक्षित तो करता है पर हमारा समग्र विकास नहीं करता है ! जैसे एक गले का डाक्टर दन्त के विषय…
शिक्षा का तात्पर्य समग्र विकास है किन्तु विशेषज्ञता की शिक्षा के बहाने आज जो पढ़ाया जा रहा है वह हमें शिक्षित तो करता है पर हमारा समग्र विकास नहीं करता है ! जैसे एक गले का डाक्टर दन्त के विषय…
शोषण का नाम लेते ही आरक्षण भोगी वर्ग तत्काल कटोरा लेकर खड़ा हो जाता है और जन्म जन्मांतर की कपोल कल्पित कहानियां सुनाने लगता है ! पिछले 75 सालों से तीन पीढ़ियों से आरक्षण का लाभ उठाने वाले इन राजनैतिक…
भारत का अतीत बहुत खुबसूरत नहीं बल्कि सदैव से दरिद्रता और शोषण का रहा है ! हां कुछ राजे रजवाड़े या उनके प्रशासनिक चमचे संपन्न हुआ करते थे या धर्म के नाम पर कुछ मठ, मन्दिर चलाने वाले समाज का…
सामाजिक आंदोलन सदैव प्रायोजित और साम्राज्यवाद के विस्तारवादी षडयंत्र का हिस्सा होता हैं ! यह कभी भी स्वस्फूर्त नहीं होते हैं ! फिर चाहे वह गांधी का आंदोलन हो या जयप्रकाश का ! इन सभी आंदोलनों के सूत्र विश्व सत्ता…
गाँधी भारतीय जनमानस का मनोविज्ञान खूब अच्छी तरह जानते थे ! उन्हें मालूम था कि उनके इस अहिंसा की नौटंकी में पढ़ा लिखा सवर्ण वर्ग शामिल नहीं होगा ! क्योंकि सवर्ण यह जानता था कि आजादी क्रांति से मिलेगी !…
आज पूरी दुनिया में 2 करोड़ से अधिक हिंदू धर्म का प्रतिनिधित्व करने वाले साधु, संत, सन्यासी, मठाधीश, पुरोहित, सेवक, नागा आदि आदि और न जाने कितने नामों से पुकारे जाने वाले लोग आधुनिक ज्ञान और षड्यंत्र के प्रभाव में…
जो अभीष्ट को प्राप्त करावा दे, वही इष्ट है ! हमारे इष्ट भगवान शिव हैं ! उन्होंने ही सामान्य मनुष्यों को देवता बना दिया ! इस प्रकृति के क्रोध से सदैव हमारी रक्षा की है ! चाहे हलाहल विष पीना…
क्या आप जानते हैं कि आपका दिमाग ही विश्व सत्ता का नया हथियार है ! चलिये इस पर थोड़ा विस्तार से चर्चा करते हैं ! मनुष्य की उत्पत्ति के साथ ही मनुष्य की भावनाओं ने और महत्वाकांक्षाओं ने व्यक्ति को…
आज विश्व सत्ता के षड्यंत्र ने जो हर घर में हत्या का कोहराम मचा रखा है ! उसकी तैयारी विश्व सत्ता के नुमाइंदों ने पिछले 50 सालों से की थी ! जिसकी घोषणा वर्ष 1980 में अमेरिका के जॉर्जिया शहर…
अपने को विकसित देश का विकसित नागरिक कहने वाले व्यक्तियों से मैं यह पूछना चाहता हूं कि विकसित मनुष्य की पहचान क्या है ! सनातन धर्म के अनुसार जिस मनुष्य में दया, प्रेम, करुणा, स्नेह, सम दृष्टि, सहयोग, सहकारिता, त्याग…