हिमालय का रहस्य भोटिया कुत्ता : Yogesh Mishra

भगवान शिव का नाम लेते ही शिव के विश्वसनीय गण भैरव जी महाराज का नाम स्वत: ही जवान पर आ जाता है ! भैरव का पर्याय एक विशेष नस्ल का हिमालय का भोटिया कुत्ता माना जाता है ! जो कैलाश…

भगवान शिव का नाम लेते ही शिव के विश्वसनीय गण भैरव जी महाराज का नाम स्वत: ही जवान पर आ जाता है ! भैरव का पर्याय एक विशेष नस्ल का हिमालय का भोटिया कुत्ता माना जाता है ! जो कैलाश…

हिंदू धर्म के पवित्र ग्रन्थों को दो भागों में बाँटा गया है- श्रुति और स्मृति ! श्रुति (शाब्दिक अर्थ “सुना हुआ” है) संस्कृत ग्रंथों का एक वर्ग है जिसे रहस्योद्घाटन के रूप में माना जाता है ! वहीं स्मृति (शाब्दिक…

पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा लेखन हिंदू धर्म में ही हुआ है ! यह एक प्राचीन सभ्यता की लंबी महाश्रृंखला है या दूसरे शब्दों में कहा जाये तो हिंदू धर्म में लिखे गये ग्रंथों के मात्र नाम को ही यदि…

जैसा कि हम सभी जानते हैं कथावाचक परजीवी होते हैं ! अर्थात भगवान की कथा के नाम पर अपनी दुकान चलाने के लिए यह लोग भक्त समूहों को भावुक और गुमराह करके अपना जीवन यापन करते हैं ! इसीलिए इन्हीं…

सदैव से राजाओं के पास मनोरंजन और भोग के लिये तीन तरह की स्त्रियाँ होती थी ! एक रानियों, दूसरी रखैलों और तीसरी दासियों ! जिनके लिए महल के अंदर ही एक अलग दुनिया बसा दी जाती थी ! भारतीय…

बहुत से लोग बड़े-बड़े संतों का नाम लेकर मुझसे राय पूंछते हैं कि इन लोगों ने अपना पूरा जीवन राम और कृष्ण को ईश्वर मानते हुये समर्पित कर दिया और आप राम और कृष्ण को मात्र महापुरुष मानते हैं !…
जिसके अंदर कोई गहराई नहीं, उसे ही बाहर अपने विस्तार हेतु आडंबर की आवश्यकता है ! आडंबर भी विस्तार का ही एक रूप है ! दुनिया में सबसे कठिन का “यथास्थित” में स्थिर हो जाना है ! इसी को सहज…

आज भारत के अंदर 30 करोड़ लोग फेसबुक, व्हाट्सएप आदि सोशल मिडिया से जुड़े हुए हैं ! जो दुर्भाग्यवश अपने को परम ज्ञानी समझते हैं ! लेकिन इसके बाद भी वह लोग सुबह से शाम तक आर्थिक तंगी से जूझते…

आज पूरी दुनिया दो खेमे में बाँट गई है ! एक यह मानती है कि भगवान ही इस दुनिया को चला रहा है, यदि भगवान की कृपा प्राप्त न की जाये तो, इस दुनिया में जीना और सफल होना असंभव…

मनुष्य में आकर्षण और अभिव्यक्ति के कई तल हैं ! जो मनुष्य के कर्मेंद्रियों और ज्ञानेंद्रियों को नियंत्रित करते हैं ! इन्हीं आकर्षण और अभिव्यक्ति को मनुष्य अज्ञानता में जन्म से मृत्यु तक अज्ञात कामना और वासना की संतुष्टि के…