पुत्रेष्ठि यज्ञ का अज्ञात रहस्य : Yogesh Mishra

तीन तीन पत्नियों के होने के बाद भी शुक्राणु की निर्बलता के कारण राजवैध द्वारा लंबे समय तक चिकित्सा किये जाने के बाद भी जब 40 वर्ष की आयु बीतने तक राजा दशरथ को कोई उतराधिकारी पुत्र संतान प्राप्त नहीं…

तीन तीन पत्नियों के होने के बाद भी शुक्राणु की निर्बलता के कारण राजवैध द्वारा लंबे समय तक चिकित्सा किये जाने के बाद भी जब 40 वर्ष की आयु बीतने तक राजा दशरथ को कोई उतराधिकारी पुत्र संतान प्राप्त नहीं…

94 साल के एक बूढ़े व्यक्ति को मकान मालिक ने किराया न दे पाने पर किराए के मकान से निकाल दिया ! बूढ़े के पास एक पुराना बिस्तर, कुछ एल्युमीनियम के बर्तन, एक प्लास्टिक की बाल्टी और एक मग आदि…

जैसा कि हम सभी जानते हैं कथावाचक परजीवी होते हैं ! अर्थात भगवान की कथा के नाम पर अपनी दुकान चलाने के लिए यह लोग भक्त समूहों को भावुक और गुमराह करके अपना जीवन यापन करते हैं ! इसीलिए इन्हीं…

पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा लेखन हिंदू धर्म में ही हुआ है ! यह एक प्राचीन सभ्यता की लंबी महाश्रृंखला है या दूसरे शब्दों में कहा जाये तो हिंदू धर्म में लिखे गये ग्रंथों के मात्र नाम को ही यदि…

किसी भी तथ्य या पदार्थ पर हर व्यक्ति की प्रतिक्रिया उसके संस्कार और बुद्धि के अनुसार अलग-अलग होती है ! अनुभूति के क्षेत्र में इस अलग-अलग प्रतिक्रिया को अलग-अलग अनुभूति भी कहा जाता है ! अर्थात कहने का तात्पर्य यह…

पूरे विश्व में जब उपनिवेशवाद की शुरुआत हुई और लोग हथियार लेकर दुनियां को जीतने निकल पड़े ! तब दुनियां ने जल्द जीत की इच्छा से हथियारों के विज्ञान का विकास हुआ ! विज्ञान के इस विकास के साथ ही…

प्राय: आलोचना और समालोचना का अन्तर नहीं जानते हैं ! और लोग अक्सर ऐसा कहा करते हैं कि अमुक (व्यक्ति, वस्तु या कार्य) की आलोचना मत कीजिए ! ऐसा कहने वाले लोग आलोचना और समालोचना दोनों को एक ही एक…

इस पृथ्वी का सबसे पहला नक्शा ईसा से 9,323 पूर्व सूर्य सिद्धान्त के आधार पर रावण के ससुर अर्थात मंदोदरी के पिता असुर राज राजा मय द्वारा बनाया गया था ! इसी तरह इसी के समकालीन रावण के भाई कुंभकरण…

भगवान श्री कृष्ण की छठी पर विशेष लेख आज भगवान श्री कृष्ण की छठी है ! वैष्णव पुराणों के अनुसार आज ही के दिन भगवान श्री कृष्ण ने पूतना का वध किया था ! पर प्रश्न यह है कि यह…

विज्ञान के प्रगति के साथ-साथ व्यक्ति के सोचने, समझने, विचार करने के तरीके में भी बहुत तेजी से परिवर्तन आया है ! आज व्यक्ति तथाकथित धर्म के मूल सिद्धांतों का विश्लेषण आज के विज्ञान के चश्मे से करना चाहता है…