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कॉम्युनिस्ट अफ़ीम का घातक जहर : Yogesh Mishra

“दो क्लास के बीच पहले अंतर दिखाना, फ़िर इस अंतर की वजह से झगड़ा करवाना और फ़िर दोनों ही क्लास को ख़त्म कर देना ! जिससे किसी भी देश का आर्थिक विकास रुक जाता है ! यह साम्राज्यवादी शक्तियों का…

भगवान श्री कृष्ण का ब्रह्म तत्व स्वरूप : Yogesh Mishra

कहने को तो भगवान श्री कृष्ण के विराट व्यक्तित्व का बखान करने के लिये दो ही प्रमाणिक ग्रंथ हैं, जो कि उनके समकालीन लेखक श्री वेदव्यास जी द्वारा लिखे गये थे । पहला महाभारत और दूसरा श्रीमद् भागवत पुराण ।…

कुम्भ की प्राचीनता : Yogesh Mishra

यूं तो कुम्भ पर्व शताब्दियों से भारत के चार नगरों में, जो कि चार दिशायों में विभिन्न नदियों के किनारे बसे हैं, धार्मिक स्नान पर्व के रुप में मनाया जा रहा है ! पर इसका ऐतिहासिक और प्रामाणिक दस्तावेज बहुत…

ओशो भविष्य का धर्म गुरु : Yogesh Mishra

हर महापुरुष वक्त से पहले पैदा हुआ इंसान होता है ! यह किसी भी विश्वविद्यालय में नहीं बनाया जा सकता है ! जिन व्यक्तियों में ईश्वर द्वारा भविष्य देखने का सामर्थ होता है और उस भविष्य को सरल शब्दों में…

ओशो की बड़ी चूक : Yogesh Mishra

ओशो एक महान चिंतक थे ! उन्होंने जीवन को कई आयामों से महसूस किया था ! वह यह चाहते थे कि मनुष्य जीवन के बोझ को न ढ़ोते हुए सीधा-सीधा आनंद को भोगते हुये मोक्ष को प्राप्ति करे ! जिस…

एंटी मैटर वास्तव में क्या है ? : Yogesh Mishra

एंटीमैटर केवल एक काल्पनिक तत्व नहीं, बल्कि असली तत्व होता है ! इसकी खोज बीसवीं शताब्दी के पूर्वाद्ध में हुई थी ! तब से यह आज तक वैज्ञानिकों के लिए कौतुहल का विषय बना हुआ है ! जिस तरह सभी…

आपके अंतिम निर्णय पर भगवान का भी अधिकार नहीं है : Yogesh Mishra

कहने को तो अर्जुन भगवान श्रीकृष्ण के सखा अर्थात मित्र थे ! पर इसके अलावा अर्जुन कृष्ण के बुआ कुन्ती के लड़के अर्थात कृष्ण के बुएरे भाई भी थे ! इसके साथ ही अर्जुन जब अपनी ममेरी बहन सुभद्रा को…

आधुनिक शिक्षा एक घातक हथियार है  : Yogesh Mishra

शिक्षा का तात्पर्य समग्र विकास है किन्तु विशेषज्ञता की शिक्षा के बहाने आज जो पढ़ाया जा रहा है वह हमें शिक्षित तो करता है पर हमारा समग्र विकास नहीं करता है ! जैसे एक गले का डाक्टर दन्त के विषय…

आत्म मुग्ध भारत ही समस्या का कारण है : Yogesh Mishra

भारत का अतीत बहुत खुबसूरत नहीं बल्कि सदैव से दरिद्रता और शोषण का रहा है ! हां कुछ राजे रजवाड़े या उनके प्रशासनिक चमचे संपन्न हुआ करते थे या धर्म के नाम पर कुछ मठ, मन्दिर चलाने वाले समाज का…

आखिर हिंदुओं की रक्षा कैसे होगी : Yogesh Mishra

आज पूरी दुनिया में 2 करोड़ से अधिक हिंदू धर्म का प्रतिनिधित्व करने वाले साधु, संत, सन्यासी, मठाधीश, पुरोहित, सेवक, नागा आदि आदि और न जाने कितने नामों से पुकारे जाने वाले लोग आधुनिक ज्ञान और षड्यंत्र के प्रभाव में…