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जानिये : हमारे यहाँ आध्यात्मिक वर्कशाप से आपको क्या लाभ होगा ..

गुरू जी के आध्यात्मिक वर्कशॉप के करने से आपको क्या-क्या लाभ प्राप्त होगा ? 1. ईश्वरीय ऊर्जा के सिद्धान्त, वैज्ञानिक आधार तथा इसके अद्भुत लाभों की जानकारी । 2. शक्तिपात द्वारा ईश्वरीय ऊर्जा का जागरण का जीवन में यादगार अनुभव…

सम्पूर्ण ब्रह्मांड आपके शरीर मे है ,पढ़िये कौन से ग्रह का शरीर के किस भाग से सबंध होता है Yogesh Mishra

ग्रहों का शरीर में स्थान सौर मंडल में जिस तरह नौ ग्रहों का अस्तित्व है, ठीक उसी प्रकार मानव शरीर में भी नौ ग्रह मौजूद हैं। ये ग्रह शरीर के विभिन्न अंगों में मौजूद हैं। ग्रहों का संबंध मानवीय चिंतन…

जानिए । मृत्यु का पूर्वाभास कैसे होता है ,महीनों पहले व्यक्ति को किस प्रकार के अनुभव होते है । Yogesh Mishra

मृत्यु का पूर्वाभास कई लोगोँ को मृत्यु पूर्वाभास होता हैँ। पराविज्ञान के अनुसार मृत्यु से पहले ही कुछ संकेतोँ की सहायता से व्यक्ति पहले ही यह जान सकता है कि उसकी मृत्यु होने वाली है। सामान्यत: मृत्यु से नौ महीने…

जानिए । मनुष्य शरीर का पंच-तत्वो के साथ सबंध। Yogesh Mishra

मानव शरीर का वास्तु के पंच-तत्वों से संबंध नाड़ी शास्त्र के अनुसार, मानव शरीर में स्थित चक्र, जिनमें मूलाधार चक्र, स्वाधिष्ठान चक्र, मणिपूरक चक्र, अनाहत चक्र, विशुद्ध चक्र, आज्ञा चक्र एवं सहस्त्रार चक्र विद्यमान है। इन चक्रों का संबंध वास्तु…

जानिए । मृत्यु कैसे होती है ,क्या होता है अंतिम समय ! Yogesh Mishra

सामान्य व्यक्ति जैसे ही शरीर छोड़ता है, सर्वप्रथम तो उसकी आंखों के सामने गहरा अंधेरा छा जाता है, जहां उसे कुछ भी अनुभव नहीं होता। कुछ समय तक कुछ आवाजें सुनाई देती है कुछ दृश्य दिखाई देते हैं जैसा कि…

जानिए ! मृत्यु के बाद क्या होता है । इस संदर्भ मे क्या कहते है भारतीय शस्त्र । Yogesh Mishra

मौत के बाद क्या होता है? ‘न तो यह शरीर तुम्हारा है और न ही तुम इस शरीर के हो। यह शरीर पांच तत्वों से बना है- अग्नि, जल, वायु, पृथ्वी और आकाश। एक दिन यह शरीर इन्हीं पांच तत्वों…

बहुत महत्वपूर्ण जानकारी । ब्रह्मांड के सभी ग्रहों मे काल की गति एक समान नहीं है जरूर पढ़ें। Yogesh Mishra

समय की माप समान नहीं है ऐसा माना जाता है कि काल (समय) की गति सभी स्थनों पर समान है किन्तु हमारे शास्त्र बतलाते हैं कि काल की गति गुरुत्व और गति के सापेक्ष चलती है अर्थात एक साथ जन्मे…

वैदिक कर्म विपाक ग्रंथ बताता है की कौन सा पाप करने से कौन सा रोग होता है । Yogesh Mishra

कर्म विपाक (कर्म परिणाम ग्रन्थ ) मनुष्य को विवध रोगों की प्राप्ति का कारण बतलाता है रोग शरीर में हों या मन में इनके बीज अचेतन मन की परतों में छुपे होते हैं। आयुर्वेद को व्यवस्थित रूप देने वाले महर्षि…