गजकेसरी योग का सच का पूरा सत्य पढ़े | Yogesh Mishra

आज हम चर्चा करेंगे एक अत्यंत ही महत्वपूर्ण गजकेसरी योग की ! जिसके कुंडली में होने पर व्यक्ति खुशी से ऐसे उछल पड़ते है जैसे कुबेर का खजाना मिल गया हो, वह योग है ‘गजकेसरी योग’ ! जिस प्रकार से…

आज हम चर्चा करेंगे एक अत्यंत ही महत्वपूर्ण गजकेसरी योग की ! जिसके कुंडली में होने पर व्यक्ति खुशी से ऐसे उछल पड़ते है जैसे कुबेर का खजाना मिल गया हो, वह योग है ‘गजकेसरी योग’ ! जिस प्रकार से…

इस तथ्य के अनेकानेक प्रमाण मिलते हैं कि प्राचीन काल में ज्योतिर्विज्ञान विज्ञान सम्मत था ! भारतीय संस्कृति का अध्ययन करने वाले विदेशी विद्वानों ने इस विद्या से प्रभावित होकर अन्य भाषाओं में अनुवाद कराया ! मुस्लिम ज्योतिषाचार्यों में इब्नबतूता…

ज्योतिष विज्ञान के क्षेत्र में आधुनिक विज्ञान का सहयोग प्राचीन काल से अद्यावधि मनुष्य का ज्ञान निरन्तर विकसित हुआ है ! वैज्ञानिक प्रयोगों के आधार पर उपलब्ध साधन सुविधाओं की बात छोड़ भी दें तो मनुष्य का ज्ञान ही अकेले…

सृष्टि का गतिचक्र एक सुनियोजित विधि-व्यवस्था के आधार पर चल रहा है। ब्रह्माण्ड अवस्थित विभिन्न नीहारिकाएं-गृह, नक्षत्रादि परस्पर सहकार सन्तुलन के सहारे निरन्तर परिभ्रमण-विचरण करते रहते हैं। जिस ब्रह्माण्ड में मनुष्य रहता है उसकी अपनी परिधि एक लाख प्रकाश वर्ष…

प्राचीन काल से ज्योतिष का प्रयोग विविध प्रयोजनों के लिए किया जाता रहा है ! आज जैसे भौतिक विज्ञान का विकास न होते हुए भी वह इतना सक्षम है कि उसका अवलम्बन लेकर कितने ही महत्वपूर्ण कार्य सम्पन्न किये जा…

पुराणों के अनुसार हमारे जीवन पर 21 ग्रहों का प्रभाव पड़ता है ! जबकि हम ज्योतिष में मात्र 7 पिंड ग्रह और 2 प्रतीक ग्रहों की ही गणना करते हैं ! शेष ग्रह पर भी विचार किया जाना चाहिये !…

भगवान शिव से बड़ा ज्योतिष और तंत्र का जानकार इस पृथ्वी पर कभी कोई पैदा नहीं हुआ ! यहां तक मैं कह सकता हूं कि रावण ने भी भगवान शिव की कृपा से ज्योतिष और तंत्र की जानकारी प्राप्त की…

प्रायः ज्योतिष में कुण्डली दिखाते वक्त लोग मुझसे पूछते हैं कि मैं अपने जीवन में कितना विकास करूँगा ! आज में इसकी गणना का सिधान्त बतला रहा हूँ ! जैमिनी ज्योतिष में राहु और केतु को छोड़कर अन्य सभी सातों…

हरिवंश पुराण में लिखा है की द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण ने भाद्रपद की अष्टमी बुधवार रोहिणी नक्षत्र में अवतार लिया। भगवान श्रीकृष्ण ने महाभारत में अपने विराट स्वरूप का दर्शन कराते हुए अर्जुन को दिव्य ज्ञान देते हुए संदेश…

अपने पूर्व जन्म के कर्मों के अनुसार जन्मकालिक विशिष्ट ग्रह स्थितियां में व्यक्ति का जन्म होता है | जिस विशिष्ठ ग्रह स्थिती के अनुसार गणना द्वारा ज्योतिष के जानकर आपके भाग्य के लाभों का निर्धारण करते हैं | किन्तु ऐसा…