शेयर मार्किट से करोड़पति बनने के ग्रहयोग | Yogesh Mishra

आज के समय में शेयर मार्किट एक ऐसा विषय है जिसकी और हर एक व्यक्ति आकर्षित होता है और इसे धन लाभ अर्जित करने के लिए एक सुनहरे मार्ग के रूप में देखा जाने लगा है और अधिकांश व्यक्ति अपने…

आज के समय में शेयर मार्किट एक ऐसा विषय है जिसकी और हर एक व्यक्ति आकर्षित होता है और इसे धन लाभ अर्जित करने के लिए एक सुनहरे मार्ग के रूप में देखा जाने लगा है और अधिकांश व्यक्ति अपने…

प्रायः लोग मुझसे पूछते हैं कि आप फलित ज्योतिष के कुछ अद्भुत सूत्र बतलाइये ! आज में अपने प्रिय जनों को वह सूत्र बतला रहा हूँ !जो मेरे स्व अनुभूत हैं और आपके लिये भी अकाट्य लाभकारी हैं ! 1.यदि…

ज्योतिष और ज्योतिषीय गणनाओं का आधार नवग्रह ही हैं हमारे जीवन के सभी घटकों को नवग्रह ही नियंत्रित करते हैं परन्तु ज्योतिष में “बृहस्पति” को एक विशेष स्थान प्राप्त है हमारे जीवन के महत्वपूर्ण घटकों पर तो बृहस्पति का अधिकार…

बतलाया जाता है कि ज्योतिष शास्त्रों में परम सत्य ईश्वर की वाणी संगृहीत की गई है ! हमारे ऋषि-मुनियों ने युगों तक गहन चिंतन कर इस ब्रह्मांड में उपस्थित ज्ञान के इन गूढ़ रहस्यों को संगृहीत किया और उपयोग किया…

अनेक प्रकार के शुभ-अशुभ ज्योतिषीय योग गणना में बताये जाते हैं ! जिनमें मंगल दोष को लेकर समाज में भय व्याप्त है ! इस भय के कारण प्राय: बहुत अच्छे-अच्छे संबंधों को छोड़ देना पड़ता है ! इस विषय मे…

ज्योतिष शास्त्र में बारह राशियों के आधार पर जन्मकुंडली के बारह भावों की रचना की गई है जिन्हें द्वाद्वश भाव कहते हैं ! आकाश मण्डल में बारह राशियों की तरह कुंडली में बारह भाव (द्वादश भाव) होते हैं ! जन्म…

रत्नों पर कोई चर्चा करने के पहले “मैं” यह बतला देना चाहता हूं कि रत्नों को धारण करने का कोई भी विधान हमारे ऋषियों-मुनियों ने किसी भी “सनातन ज्योतिष ग्रंथ” में नहीं दिया है ! यह पद्धति “यूनान” से भारत…

आज सायंकाल मेरे यहां एक “जयसवाल साहब” अपनी “पजेरो गाड़ी” से कुंडली परामर्श हेतु आए थे ! उन्होंने अपने बेटे की कुंडली मेरे सामने परामर्श हेतु रखी जो कि “तुला लग्न” की कुंडली थी ! उसके पंचम भाव में मंगल…

आज हम चर्चा करेंगे एक अत्यंत ही महत्वपूर्ण गजकेसरी योग की ! जिसके कुंडली में होने पर व्यक्ति खुशी से ऐसे उछल पड़ते है जैसे कुबेर का खजाना मिल गया हो, वह योग है ‘गजकेसरी योग’ ! जिस प्रकार से…

इस तथ्य के अनेकानेक प्रमाण मिलते हैं कि प्राचीन काल में ज्योतिर्विज्ञान विज्ञान सम्मत था ! भारतीय संस्कृति का अध्ययन करने वाले विदेशी विद्वानों ने इस विद्या से प्रभावित होकर अन्य भाषाओं में अनुवाद कराया ! मुस्लिम ज्योतिषाचार्यों में इब्नबतूता…