Category Astrology

जानिये क्या है ज्योतिष में पौधों का महत्व | Yogesh Mishra

ज्योतिषीय दृष्टिकोण में हरे पौधों का प्रतिनिधित्व “बुध” ग्रह करता है, बुध को हरे पौधों का कारक माना गया है पौधों का पालन और रक्षण करने से हमारी कुंडली में बुध ग्रह संतुलित और सकारात्मक होता है तथा बुध से…

“ज्योतिषी” आपसे “धन उगाही” कैसे करते हैं ? Yogesh Mishra

आजकल प्रायः सभी लोग अपने जीवन में कभी न कभी किसी न किसी ज्योतिषी से परामर्श अवश्य लेते हैं ! आजकल तो चलन में यह भी है कि “सनातन हिंदू धर्म को न मानने वाले” भी अब ज्योतिषियों से अपने…

शेयर मार्किट से करोड़पति बनने के ग्रहयोग | Yogesh Mishra

आज के समय में शेयर मार्किट एक ऐसा विषय है जिसकी और हर एक व्यक्ति आकर्षित होता है और इसे धन लाभ अर्जित करने के लिए एक सुनहरे मार्ग के रूप में देखा जाने लगा है और अधिकांश व्यक्ति अपने…

जानिये फलित ज्योतिष के अद्भुत सूत्र | Yogesh Mishra

प्रायः लोग मुझसे पूछते हैं कि आप फलित ज्योतिष के कुछ अद्भुत सूत्र बतलाइये ! आज में अपने प्रिय जनों को वह सूत्र बतला रहा हूँ !जो मेरे स्व अनुभूत हैं और आपके लिये भी अकाट्य लाभकारी हैं ! 1.यदि…

जीवन में बृहस्पति ग्रह की ऊर्जा का प्रभाव और भूमिका | Yogesh Mishra

ज्योतिष और ज्योतिषीय गणनाओं का आधार नवग्रह ही हैं हमारे जीवन के सभी घटकों को नवग्रह ही नियंत्रित करते हैं परन्तु ज्योतिष में “बृहस्पति” को एक विशेष स्थान प्राप्त है हमारे जीवन के महत्वपूर्ण घटकों पर तो बृहस्पति का अधिकार…

ज्योतिष में नये शोध की आवश्यकता क्यों है !! Yogesh Mishra

बतलाया जाता है कि ज्योतिष शास्त्रों में परम सत्य ईश्वर की वाणी संगृहीत की गई है ! हमारे ऋषि-मुनियों ने युगों तक गहन चिंतन कर इस ब्रह्मांड में उपस्थित ज्ञान के इन गूढ़ रहस्यों को संगृहीत किया और उपयोग किया…

मंगल दोष से भयभीत मत होईये !! Yogesh Mishra

अनेक प्रकार के शुभ-अशुभ ज्योतिषीय योग गणना में बताये जाते हैं ! जिनमें मंगल दोष को लेकर समाज में भय व्याप्त है ! इस भय के कारण प्राय: बहुत अच्छे-अच्छे संबंधों को छोड़ देना पड़ता है ! इस विषय मे…

कुंडली का प्रथम भाव-लग्न से क्या-क्या पता चलता है ! Yogesh Mishra

ज्योतिष शास्त्र में बारह राशियों के आधार पर जन्मकुंडली के बारह भावों की रचना की गई है जिन्हें द्वाद्वश भाव कहते हैं ! आकाश मण्डल में बारह राशियों की तरह कुंडली में बारह भाव (द्वादश भाव) होते हैं ! जन्म…

रत्न धारण करने के अधिकांश प्रचलित सिद्धांत “विनाशकारी” हैं ! Yogesh Mishra

रत्नों पर कोई चर्चा करने के पहले “मैं” यह बतला देना चाहता हूं कि रत्नों को धारण करने का कोई भी विधान हमारे ऋषियों-मुनियों ने किसी भी “सनातन ज्योतिष ग्रंथ” में नहीं दिया है ! यह पद्धति “यूनान” से भारत…

कृपया “समाज को विकृत करने वाले कुंडली परामर्श न लें !” Yogesh Mishra

आज सायंकाल मेरे यहां एक “जयसवाल साहब” अपनी “पजेरो गाड़ी” से कुंडली परामर्श हेतु आए थे ! उन्होंने अपने बेटे की कुंडली मेरे सामने परामर्श हेतु रखी जो कि “तुला लग्न” की कुंडली थी ! उसके पंचम भाव में मंगल…