जानिए विवाह उपरान्त भाग्य उदय क्यों !! : Yogesh Mishra

विवाह मानव जीवन का एक प्रमुख संस्कार है ! विवाह के बाद एक युवक ओर युवती को आजीवन एक साथ रहना होता है ! शास्त्रों में पत्नी को “अर्द्धांगिनी” कहा गया है ! पति का दुःख ओर सुख पत्नी का…

विवाह मानव जीवन का एक प्रमुख संस्कार है ! विवाह के बाद एक युवक ओर युवती को आजीवन एक साथ रहना होता है ! शास्त्रों में पत्नी को “अर्द्धांगिनी” कहा गया है ! पति का दुःख ओर सुख पत्नी का…

“संतान होगी भी या नही?” इस विषय पर ज्योतिष शास्त्र में महर्षि पराशर ने बहुत स्टीक ग्रह गणना पद्धति प्रस्तुत की है ! पुरुष के लिए “बीज स्फुट” और स्त्री के लिए “क्षेत्र स्फुट” ! हालांकि इस ग्रह गणना के…

कई बार परिस्थितियों के आगे मजबूर होकर व्यक्ति को कर्ज लेने की नौबत आ जाती है और फिर कर्ज खत्म होने का नाम नहीं लेते ! इसका कारण वास्तु दोष भी हो सकता है ! एक कर्ज उतरा नहीं कि…

ज्योतिष शास्त्र में हर दिन को एक अधिपति दिया गया है ! जैसे- रविवार का सूर्य, सोमवार का चंद्र, मंगलवार का मंगल, बुधवार का बुध, बृहस्पतिवार का गुरु, शुक्रवार का शुक्र व शनिवार का शनि ! इसी प्रकार दिन के…

इस संसार जिसका भी जन्म होता है उसे शनि की साढ़ेसाती या ढ़ैया के प्रभाव से गुजरना ही पड़ता है ! शनि के प्रभाव से भगवान भी नहीं बच सके ! अब प्रश्न उत्पन्न होता है कि क्या जातक को…

सरयू नदी के किनारे बसी हिन्दुओं के आराध्य देव मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान राम की जन्म स्थली अयोध्या नगरी का उल्लेख भारत के कई प्राचीन ग्रंथों में मिलता है ! जहां एक ओर अयोध्या नगरी आदि अनादिकाल से प्रसिद्ध है वही…

ज्योतिष शास्त्र का मानव जीवन में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है ! ईश्वर ने प्रत्येक मानव की आयु की रचना उसके पूर्व जन्म के कर्मों के अनुसार की है, जिसे कोई भी नहीं बदल सकता विशेषरूप से मनुष्य के जीवन की…

ज्योतिष विज्ञान आज एक निरीह एवं उपेक्षणीय विद्या क्यों है ? आज इस वेदनेत्र को क्यों उपहास का पात्र बनना पड रहा है ? इसके पीछे यद्यपि अनेक कारक है ! लेकिन मेरी समझ में कम्पयूटर आश्रित टीका लगाये, गेरुआ…

ब्रह्मांड में अपनी आकाशगंगा जैसे अनेक तारामंडल हैं ! सौर मंडल के सभी ग्रह सूर्य के प्रकाश से प्रकाशित होते रहते हैं ! यह सभी सूर्य की निरंतर परिक्रमा करते रहते हैं ! हमारी पृथ्वी भी सौरमंडल की एक सदस्य…

मारकेश बाधक या कष्टकारी ग्रह जब भ्रमण करते हुए संवेदनशील राशियों के अंगों से होकर गुजरता है तो वह उनको नुकसान पहुंचाता है ! नकारात्मक ग्रहों के प्रभाव को ध्यान में रखकर आप अपने भविष्य को सुखद बना सकते हैं…