जानिए रत्न कैसे ठीक करते हैं बीमारी को | Yogesh Mishra

जब किसी ग्रह विशेष की किरणें मानव देह पर उचित परिमाण में नहीं पड़ती तब इन किरणों के अभाव में मानव देह विभिन्न रोगों से ग्रस्त हो जाती है ! तब विशेषज्ञ सम्बंधित गृह का रत्न धारण कराकर उस रंग…

जब किसी ग्रह विशेष की किरणें मानव देह पर उचित परिमाण में नहीं पड़ती तब इन किरणों के अभाव में मानव देह विभिन्न रोगों से ग्रस्त हो जाती है ! तब विशेषज्ञ सम्बंधित गृह का रत्न धारण कराकर उस रंग…

प्रश्न कुंडली से चोरी, गुम अथवा खोयी हुई वस्तु मिलेगी या नहीं ? प्राचीन काल से ही प्रश्न कुंडली के माध्यम से सभी समस्या का समाधान देने की परम्परा रही है! आज हम इस विषय पर चर्चा करने जा रहें…
ब्रह्माण्ड और मानव शरीर की समानता पर पुराणों व अन्य धर्मग्रन्थों में व्यापक विचार हुआ है ! जो ब्रह्माण्ड में है, वह मानव शरीर में भी है ! ब्रह्माण्ड को समझने का श्रेष्ठ साधन मानव शरीर ही है ! वैज्ञानिको…

हालांकि पैसा ही सब कुछ नहीं होता, परंतु आज का समय शुक्र प्रधान समय है, इस कारण आज के समय में पैसे के बिना इज्जत नहीं मिलती, पैसा है तो रिश्तेदार तो रिश्तेदार दुश्मन भी मित्र बन जाते हैं !…

आज से लगभग सौ-सवा सौ वर्ष पूर्व जिस विदेश वास या विदेश यात्रा को अभिषप्त समझा जाता था, वर्तमान समय में उसी विदेश यात्रा या विदेश-वास को लेकर जातक अधिक उत्साहित होकर प्रश्न करते हैं ! मेरी कुण्डली में विदेश…

1- अश्विनी नक्षत्र – जातक को वायुपीड़ा, ज्वर, मतिभ्रम आदि से कष्ट. उपाय : दान पुण्य, दीन दुखियों की सेवा से लाभ होता है ! 2- भरणी नक्षत्र – जातक को शीत के कारण कम्पन, ज्वर, देह पीड़ा से कष्ट,…

ज्योतिष से रोग का पूर्वानुमान कैसे किया जा सकता है ! इसकी कुछ आरंभिक जानकारी पर आज लेख लिख रहा हूँ ! काल पुरूष की कुंडली में मनुष्य शरीर के सभी अंगों को 12 भावों में बांटा गया है !…

वर या वधु किसी एक की कुंडली में मंगल का सप्तम में होना और दूसरे की कुंडली में 1 !4 !7 !8 या 12 में से किसी एक में मंगल का नहीं होना पति या पत्नी के लिये हानिकारक माना…

विवाह मानव जीवन का एक प्रमुख संस्कार है ! विवाह के बाद एक युवक ओर युवती को आजीवन एक साथ रहना होता है ! शास्त्रों में पत्नी को “अर्द्धांगिनी” कहा गया है ! पति का दुःख ओर सुख पत्नी का…

“संतान होगी भी या नही?” इस विषय पर ज्योतिष शास्त्र में महर्षि पराशर ने बहुत स्टीक ग्रह गणना पद्धति प्रस्तुत की है ! पुरुष के लिए “बीज स्फुट” और स्त्री के लिए “क्षेत्र स्फुट” ! हालांकि इस ग्रह गणना के…