24 जनवरी 2020 से शुरू होगा बाबा रामदेव का पतन ! : Yogesh Mishra

बाबा रामदेव ने भारतीय छात्र संसद एम.आई.टी. पुणे में 14 जनवरी 2016 को बाबा राम देव ने शनि देव के बारे में गलत ब्यान दिये व शनि देव की गलत शब्दों में व्याख्या की जब कि शनि देव न्याय के…

बाबा रामदेव ने भारतीय छात्र संसद एम.आई.टी. पुणे में 14 जनवरी 2016 को बाबा राम देव ने शनि देव के बारे में गलत ब्यान दिये व शनि देव की गलत शब्दों में व्याख्या की जब कि शनि देव न्याय के…

हंस योग को एक बेहद शुभ योग माना जाता है ! जिसका संबंध देवगुरु बृहस्पति से होता है ! यदि गुरु अपनी स्वराशि मीन या धनु अथवा उच्च राशि कर्क में स्थित होकर जन्म कुंडली के केन्द्र स्थान में हो…

वैष्णव साहित्य से पूर्व के पुरातन शैव ज्योतिष साहित्य में लग्न के निर्धारण के लिये लंका की गणना को ही सर्वश्रेष्ठ माना गया है ! लंका के वर्तमान नक्शे को देखकर यह ज्ञात होता है कि यह भू भाग जो…

हंस योग शरीर के व्यक्ति के अपने अलग ही लक्षण होते हैं ! वह व्यक्ति सुंदर व्यक्तित्व का धनी होगा और उसका रंग साफ एवं चेहरे पर तेज होगा ! उसका माथा चौड़ा और लंबी नाक होगी ! छाती भी…

कोरोना वायरस का प्रभाव आज पूरी दुनिया में उथल-पुथल मचा रहा है ! दुनिया का संपूर्ण आधुनिक चिकित्सा विज्ञान इसके रूप, स्वरूप, कार्यशैली के आगे नतमस्तक है ! यदि यह मान भी लिया जाये की कोरोनावायरस चीन या अमेरिका में…

अब विश्व में जीन कुंडली बनना संभव हो गई है ! अभी तक ज्योतिष विद्या से बनाई जाने वाली कुंडली से व्यक्ति के भविष्य और बीमारियों की जानकारी ली जाती थी ! लेकिन अब यह काम जीन कुंडली करेगी !…

कर्म, मनुष्य का परमधर्म है ! पूरी गीता ही निष्काम कर्म योग का ही शास्त्र है ! कर्म ही व्यक्ति को बंधन में बांधता है ! व्यक्ति का जन्म और मरण, उसके कर्मों के अनुसार होता है ! व्यक्ति का…

आज के समय की संतान सम्बन्धी गंभीर समस्या गर्भपात के विशेष योगों में से प्रमुख 10 योगों की चर्चा की गयी है ! संतान “जातक” की कुंडली के पंचम भाव अर्थात कुंडली के दाहिने की और पाँचवे घर को कहा…

शुभ मुहूर्त में गर्भाधान संस्कार करने से सुंदर, स्वस्थ, तेजस्वी, गुणवान, बुद्धिमान, प्रतिभाशाली और दीर्घायु संतान का जन्म होता है ! इसलिये इस प्रथम गर्भधान संस्कार का महत्व सर्वाधिक है ! संस्कार का अर्थ संस्करण, परिष्करण, विमलीकरण अथवा विशुद्धिकरण से…

शास्त्रीय घटनायें यह बतलाती हैं कि जब भी कभी एक माह में तीन बार ग्रहण एक साथ पड़ते हैं तो पृथ्वी पर बहुत बड़ी उथल-पुथल होती है ! बड़े-बड़े युद्ध होते हैं ! आग अग्नि कांड होते हैं ! बाढ़…