Category Astrology

जानिए कैसे निकाला जाये विवाह का मुहूर्त !

सही विवाह नही मिलान होने से वर ने आत्महत्या कर ली आज कम्पयूटर का जमाना है जिसे देखो अपने अपने कम्पयूटर में कोई न कोई सोफ़्टवेयर ज्योतिष वाला डालकर बैठा है,जैसे ही किसी भी वर कन्या की विवाह वाली बात…

कुण्डली से जानिये आयु का रहस्य !

महर्षि पराशर रचित एक सूत्र से आयु निर्णय की स्थिति स्पष्ट होती है- बालारिष्ट योगारिष्टमल्यं मध्यंच दीर्घकम् ! दिव्यं चैवामितं चैवं सप्तधायुः प्रकीर्तितम् ! ! सात प्रकार की मृत्यु संसार में जानी जाती है अर्थात् मृत्यु के विषय में ज्ञान…

शनि के स्व राशि में प्रवेश पर भारत अभी और सशक्त होगा !!

लार्ड माउंटबेटन ने भारत और पाकिस्तान दोनों देशों को 14-15 अगस्त में से किसी दिन अपनी-अपनी आजादी के कार्यक्रम निर्धारित करने को कहा था ! पाकिस्तान ने 14 अगस्त को अपनी स्वतंत्रता की औपचारिक घोषणा कर दी थी और भारत…

जानिए : शेयर-मार्किट में लाभ के कुछ विशेष ग्रहयोग !

यदि कुंडली में पंचमेश पंचम भाव में ही स्थित हो तो शेयर मार्किट से जुड़कर लाभ प्राप्त होता है ! यदि पंचमेश (पंचम भाव का स्वामी) स्व या उच्च राशि में होकर शुभ स्थान में हो तो शेयर मार्किट में…

जानिए : विदेश यात्रा में बाधा योग क्या है !

कुंडली में बने कुछ विशेष ग्रह-योग ही हमारे जीवन में विदेश से जुड़कर काम करने या विदेश यात्रा का योग बनाते हैं ! हमारी जन्मकुंडली में बारहवे भाव का सम्बन्ध विदेश और विदेश यात्रा से जोड़ा गया है इसलिए दुःख…

जानिए कुंडली में बाधक ग्रह का अर्थ !

बाधक जैसा कि शब्द से ही मालूम पड़ता है कि बाधा देने वाला ! जो भी चर लग्न वाले व्यक्ति होते हैं वह हमेशा आराम से बैठना पसंद नहीं करते ! हमेशा कुछ ना कुछ अपने फायदे वाले जुगाड़ में…

ज्योतिष अनुसार प्रेम सम्बन्ध के ग्रह योग !

रति शक्ति का सम्बन्ध व्यक्ति के शारीरिक गठन, नस्ल और देशकाल (जलवायु) से रहता है ! इसका ज्ञान हमें स्नायु संस्थान के कारक व रक्त संचार कारक ग्रह की स्थिति से होता है तथा सप्तम स्थान में स्थित राशि व…

शनि और राहु देते हैं आत्माओं और पूर्वजों से सम्बन्ध की शक्ति !

शनि और राहु आपको कुछ अद्भुत प्रतिभा देता है ! जिस कारण आप अनेक आश्चर्यजनक कार्य कर सकते हैं ! 1. किसी भी जातक की जन्म कुंडली में शनि का लग्न या प्रथम स्थान पर होना दर्शाता है कि यह…

ग्रह-दशा विश्लेषण के महत्वपूर्ण नियम : Yogesh Mishra

ग्रह कब ? कैसे ? कितना ? फल देते हैं इस बात का निर्णय दशा अन्तर्दशा से किया जाता है ! दशा कई प्रकार की हैं, परन्तु सब में शिरोमणि विंशोत्तरी ही है ! (1) सबसे पहले कुंडली में देखिये…

व्यवसाय के लिये ज्योतिष के अनुसार “स्थान चयन” कैसे करें : Yogesh Mishra

जन्म नाम को कई प्रकार से रखा जाता है,भारत में जन्म नाम को चन्द्र राशि से रखने का रिवाज है,चन्द्र राशि को महत्वपूर्ण इसलिये माना जाता है कि शरीर मन के अनुसार चलने वाला होता है,बिना मन के कोई काम…