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शैव ग्राम में वैष्णव प्रपंच नहीं होता है

आज वृन्दावन से एक कथा वाचक का फोन आया था ! उनकी इच्छा थी कि वह शैव ग्राम में भागवत कथा करना चाहते हैं ! मैने उन्हें जवाब दिया मित्र शैव ग्राम में साधक भगवान शिव के जीवन शैली का…

शैव ग्राम में कोई जाति बिरादरी नहीं है

प्रश्न : – किसी जिज्ञासु ने जानना चाहा है कि शैव ग्राम में साधकों के लिये भोजन किस जाति बिरादरी वाले लोग बनाते हैं ! मेरा उत्तर :- शैव जीवन दर्शन सामाजिक समानता पर आधारित जीवन शैली है। इस मत…

शैव ग्राम मुफ्तखोरी का अड्डा नहीं है

वर्तमान में शैव ग्राम कार्यालय में प्रतिदिन लगभग 700 फोन कॉल्स प्राप्त हो रहे हैं, जिनमें से अधिकांश लोग केवल निःशुल्क आवास और भोजन की उपलब्धता के बारे में जानना चाहते हैं। यह अत्यंत ही दुखद है ! हम अत्यंत…

शैव ग्राम कोई धार्मिक चमत्कार की जगह नहीं है

शैव ग्राम कोई धार्मिक जगह नहीं है । यह जीवन प्रबंधन को सीखने और अभ्यास करने की जगह है । जहां व्यक्ति आत्मनिर्भर जीवन शैली को अपनाकर भगवान शिव द्वारा दिखाये गये मार्ग का अनुपालन करके अपने जीवन को सुखमय…

शैव ग्राम को अनपढ़ और असफल व्यक्ति क्यों चाहिये

यह कथन पहली नज़र में विरोधाभासी लग सकता है कि एक आदर्श समाज (शैव ग्राम) को “अनपढ़ और असफल” लोगों की आवश्यकता क्यों है। लेकिन यदि हम आधुनिक शिक्षा और सफलता के तथाकथित पैमानों (पैसा, पद, और प्रतिस्पर्धा) का विश्लेषण…

शैव ग्राम के सदस्यों की विशेषता

भगवान शिव, जिन्हें देवों के देव महादेव कहा जाता है, वह सरलता, वैराग्य और असीम करुणा के प्रतीक हैं। एक सच्चा शिव भक्त केवल वह नहीं है जो मात्र कर्मकांड और पूजा-पाठ करे, बल्कि असल भक्त वह है जिसने शिव…

शैव ग्राम का दिव्य स्वरूप

शैव ग्राम भारत में एक “निष्काम कर्म” आधारित “वसुधैव कुटुम्बकम्” और “सेवा परमो धर्म:” के दर्शन पर आधारित दिव्य साधना एवं जीवनचर्या स्थल होगा। प्रत्येक साधक को आर्थिक सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता दी जायेगी, लेकिन फिर भी साधकों में अपना…

शैव ग्राम का आध्यात्मिक सेलेबस

आज के युग में युवाओं को केवल रोजगार के लिए ‘नौकर’ नहीं, बल्कि समाज का नेतृत्व करने वाला ‘मालिक’ बनाने की अत्यंत आवश्यकता है। इसी उद्देश्य से सनातन ज्ञान पीठ ने अपने उच्च स्तरीय साधना केंद्र शैव ग्राम के जिज्ञासुओं…

शैव और वैष्णव में अंतर

भगवान शिव और भगवान विष्णु को धूर्त वैष्णव ठीक वैसे ही एक परम सत्ता के दो रूप बतलाते हैं, जैसे मुस्लमान भगवान और अल्लाह को एक ही बताते हैं और इसाई जीसस और कृष्ण को एक बतलाते हैं ! लेकिन…

वैष्णव ब्रह्मचर्य धारण क्यों नहीं कर पाते हैं

मैं आज प्रात: एक आश्रम गया था, वहां पर गेट पर ही मैने एक बोर्ड पढ़ा “आश्रम में महिलाओं का प्रवेश वर्जित है !” मेरे मन में यह विचार चला कि जब स्वामी जी गुणातीत और सर्व इन्द्रीय विजेता हैं,…