कर्मकाण्ड से नहीं चैतन्य कर्मों से भाग्य बदलता है

वैष्णव षडयंत्रकारियों ने अपने दान दक्षिणा के स्वार्थ में समाज की बहुत बड़ी ऊर्जा कर्मकाण्ड में लगा कर हिन्दूओं का सर्वनाश कर दिया है ! जबकि भगवान शिव ‘शिव स्वरोदय’ में स्वयं माता पार्वती से कहते हैं :- आत्मैव देवता…






