Category Shaivgram

शैव ग्राम की सदस्यता के नियम

पूरे विश्व से बहुत से साथी शैव ग्राम की सदस्यता के लिये निरंतर संपर्क कर रहे हैं, किन्तु शैव ग्राम की सदस्यता के लिये कुछ अनिवार्य शर्तें हैं, जिन्हें सभी को जानना और मानना आवश्यक है ! सदस्यता देने पर…

शैव ग्राम की विशेष साधना

क्या आप भी संस्कार चिकित्सा के द्वारा अपना भविष्य बदलना चाहते हैं, तो इस लेख को ध्यान से पढ़िये ! आपका वर्तनाम जीवन कई जन्मों पहले निर्धारित हो चूका है ! यही आपका भाग्य है किन्तु इसे आप बदल सकते…

शैव ग्राम का दिव्य स्वरूप

शैव ग्राम भारत में एक “निष्काम कर्म” आधारित “वसुधैव कुटुम्बकम्” और “सेवा परमो धर्म:” के दर्शन पर आधारित दिव्य साधना एवं जीवनचर्या स्थल होगा। प्रत्येक साधक को आर्थिक सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता दी जायेगी, लेकिन फिर भी साधकों में अपना…

शैव ग्राम आपकी अपनी एक अद्भुत तप स्थली

यहाँ आपके हिस्से के भोजन और आवास की फ्री व्यवस्था ईश्वर ने पहले से ही कर रखी है, क्या आप तैय्यार हैं, ईश्वर का कार्य करने के लिये ?  हर व्यक्ति अपने जीवन में तीन आयाम पर लड़ता है !…

शैव को संसार में कैसे जीना चाहिये

शैव जीवन शैली का दर्शन अत्यंत गूढ़, यथार्थवादी और कर्म-प्रधान है। शैव जीवन दर्शन को मानने वाले के सभी सांसारिक कार्य शिव करते हैं,” तो इसका अर्थ यह नहीं है कि शैव अपने जीवन में अकर्मण्य होकर बैठ जाये। बल्कि…

साधना से शिव भक्त का आतंरिक स्वरूप कैसा हो जाता है

भगवान शिव को ‘आदियोगी’, ‘महादेव’ और ‘वैरागी’ कहा जाता है। जो साधक गहरे स्तर पर भगवान शिव की साधना करता है, उसका चित्त शिव के स्वरूप में ढलने लगता है। तब साधक चित्त की वृत्तियों को निरुद्ध कर मन के…

शाररिक सुख सभी सुखों की उत्पत्ति का आधार है

शरीर के सुख से बड़ा सुख कोई नहीं है, यह सभी सुखों की उत्पत्ति का आधार है ! इसलिए सबसे पहले इस शरीर के सुख की चिंता करो, यही जीवन में सुखी होने का रहस्य है । शारीरिक सुख और…

म्रेरी पत्नी समर्पण और त्याग की प्रतिमूर्ति

भारतीय संस्कृति में पत्नी को ‘सहधर्मिणी’ और ‘अर्धांगिनी’ की उपाधि दी गई है, जिसका वास्तविक अर्थ है,धर्म, कर्म और जीवन के हर संकल्प में पति के साथ समान रूप से कदम मिलाकर चलना। आधुनिक युग में, जहाँ मनुष्य भौतिक सुख-सुविधाओं…

ब्रह्मास्मि क्रिया योग पर नव सत्र आरम्भ

शैव ग्राम में मस्तिष्क के नव-निर्माण द्वारा दीर्घ आयु होने पर चर्चा एक समय था जब विज्ञान जगत में यह पक्का विश्वास था कि हमारे मस्तिष्क की बनावट बचपन में ही तय हो जाती है और इसे किसी यंत्र की…

ब्रह्म तत्व कोई भगवान नहीं देता, इसे स्वयं पाना होता है !

ब्रह्म तत्व कोई भगवान नहीं देता, यह एक मानसिक प्रक्रिया है, जिसे स्वयं ही अपनी समझ से विकसित करना पड़ता है ! जीव के उत्थान के 7 चरण हैं ! जब जीव इन सातों चरण की जीवन शैली को परिपक्वता…