Category Shaivism & Vaishnavism

राम की निगाह में सीता का अस्तित्व : Yogesh Mishra

( अध्ययन हीन व्यक्ति इस लेख को न पढ़ें) गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा बलपूर्वक राम को मर्यादा पुरुषोत्तम घोषित किया गया था ! क्योंकि गोस्वामी तुलसीदास एक राम भक्त कथावाचक कवि थे ! यही इनका पैतृक व्यवसाय था ! और…

रावण द्वारा ग्रहों को तहखाने में कैद करने का रहस्य : Yogesh Mishra

जैसा कि आज का विज्ञान भी अब स्वीकार करने लगा है कि प्रत्येक ग्रह के ब्रह्मांड में गोचर करने के कारण एक विशेष तरह की तरंग उत्पन्न होती है, जो तरंग पृथ्वी से टकरा कर पृथ्वी पर पंचतत्व में असंतुलन…

वैष्णव दो तरह के होते हैं : Yogesh Mishra

वैष्णव दो तरह के होते हैं ! एक अर्ध वैष्णव, दूसरे पूर्ण वैष्णव ! अर्ध वैष्णव से तात्पर्य ऐसे वैष्णव लोगों से है, जो मठ मंदिरों के मुखिया हैं ! कथावाचक हैं या महंगे कर्मकांडी ब्राह्मण हैं ! प्राय: यह…

भारतीयों के दरिद्रता का माइंड सेट : Yogesh Mishra

यह भारतीयों का दुर्भाग्य रहा है कि भारत के प्राकृतिक रूप से संसाधन संपन्न होने के बाद भी भारतीय लोग स्व प्रेरणा से अपने को कभी संपन्न नहीं बना चाहे हैं ! कुछ दूरदर्शी राजाओं के शासनकाल को यदि छोड़…

हिन्दू धर्म ग्रंथों के अध्ययन से हमें शान्ति और मोक्ष क्यों नहीं मिलता है : Yogesh Mishra

अब आज के समय का विज्ञान भी मानता है कि आधुनिक मानव यानि होमो सेपियंस यानि हम लोग इस धरती पर सबसे पहले अफ्रीका क्षेत्र में 3,00,000 साल पहले दिखाई दिये थे ! जिन्हें हम प्रकृति प्रिय शैव संस्कृति का…

रावण दहन हिंदुओं की क्षद्म हिंसा : Yogesh Mishra

आज दशहरा को करोड़ों हिंदू रावण का पुतला जलाने जाएंगे ! अब तो मैं देखता हूं कि सड़कों के किनारे 50- 50 रुपए में रावण के छोटे पुतले भी मिलने लगे हैं ! जिसे ए.सी. कार में बैठे हुए लोग…

लंकेश काल रक्षिणी साधना : Yogesh Mishra

विशेष : इस लेख को बस सिर्फ शैव विचारक ही पढ़ें ! रावण ने कभी भी धन की प्राप्ति के लिए लक्ष्मी की आराधना नहीं की ! जबकि लक्ष्मी रावण के परम मित्र दक्षिण भारत के तटीय राजा सागर की…

भगवान शिव के सिर की गंगा का अपहरण : Yogesh Mishra

पौराणिक कथाओं के अनुसार ब्रह्मा जी के कमंडल से निकली जल देवी गंगा को भगवान शिव ने अपनी जटाओं में रोक लिया और फिर और वैष्णव के सूर्यवंशी महाराजा सगर के 60 हजार पुत्रों को मोक्ष देने हेतु उन्हीं के…

शैव और वैष्णव योगी में अंतर : Yogesh Mishra

भगवान श्री कृष्ण ने श्रीमद भगवत गीता के छंठे अध्याय के अठारहवे श्लोक में कहा है कि – यदा विनियतं चित्तमात्मन्येवावतिष्ठते !! निःस्पृहः सर्वकामेभ्यो युक्त इत्युच्यते तदा॥ 6/18 अर्थात्- जब (यदा), विशेष रूप से संयत किया हुआ (विनियतं), चित्त (चित्तम्),…

अग्नि आक्रान्ता वैष्णव की खोज है : Yogesh Mishra

वैष्णव धर्म ग्रंथों में अग्नि को मानव इतिहास की सबसे बड़ी खोज बतलाया गया है ! जबकि शैव जीवन शैली में अग्नि का कोई महत्व नहीं है ! क्योंकि वह प्रकृति के सहयोगी और उपासक हैं ! मानव में मात्र…