Category Shaivism & Vaishnavism

पाखंडी ध्यान गुरुओं से सावधान : Yogesh Mishra

ध्यान के दो अर्थ होते हैं ! सामान्य प्रचलित भाषा में किसी विषय, वस्तु, व्यक्ति, उद्देश्य पर मन और भाव को केन्द्रित करना ध्यान है ! जिसे हम त्राटक के नाम से भी जानते हैं ! वैष्णव जीवन शैली में…

राम के वनवास का सच : Yogesh Mishra

प्राय: आरोप लगाया जाता है कृष्ण एक कुटिल राजनीतिज्ञ थे और राम मर्यादा पुरुषोत्तम थे ! यह बात अलग है कि राम को मर्यादा पुरुषोत्तम घोषित करने का श्रेय एक पैतृक कथावाचक और कवि गोस्वामी तुलसीदास को जाता है !…

क्या दशरथ चक्रवर्ती सम्राट नहीं बल्कि एक काबिले के राजा थे : Yogesh Mishra

गोस्वामी तुलसीदास ने राजा दशरथ को रामचरितमानस में एक चक्रवर्ती सम्राट कह कर संबोधित किया है और साथ में यह भी बतलाया है कि राजा दशरथ का इतना प्रभाव और सामर्थ्य था कि वह किसी भी व्यक्ति को राजा बना…

राम रावण युद्ध में हमने क्या खोया : Yogesh Mishra

बहुत कम लोग इस बात को जानते हैं कि आज से 7500 साल पहले जब विश्व की आबादी मात्र डेढ़ करोड़ थी ! तब उसमें भी अधिकांश लोग अपनी सुविधाओं के लिए रावण के साम्राज्य “रक्ष प्रदेश” में निवास करते…

वैष्णव लेखकों ने समाज को कैसे विकास विरोधी बना : Yogesh Mishra

सभी कथावाचक बतलाते हैं कि रामायण समाज के हर वर्ग को जोड़ने का दिव्य ग्रंथ है ! यह कोई भी कथावाचक नहीं बतलाता है कि रामायण ने ही व्यक्ति के स्वतन्त्र चिंतन करने और अपनी राय प्रकट करने के संदर्भ…

क्या ब्रह्मचर्य की अवधारणा एक भ्रम है : Yogesh Mishra

ब्रह्मचर्य को वैष्णव जीवन शैली में बहुत महत्व दिया गया है ! न जाने कितने कपोल कल्पित उदाहरणों से वैष्णव द्वारा मनुष्य को यह समझाने की कोशिश की जाती रही है कि जीवन में ब्रह्मचर्य से अद्भुत शक्तियां प्राप्त की…

आपका संस्कार ही आपका भगवान है : Yogesh Mishra

वैष्णव जीवन शैली में एक अवधारणा यह भी है कि “होई है वही जो राम रचि राखा” अर्थात इस दुनिया में आपके साथ जो कुछ भी होना है, उसे ईश्वर ने पहले से ही लिख रखा है या दूसरे शब्दों…

क्या सभी के लिये वैष्णव राजाओं की पूजा अनिवार्य है : Yogesh Mishra

जैसा की मैंने अपने पूर्व के अनेकों लिखो में लिखा है कि भारत अनादि काल से शैव संस्कृति का अनुयायी रहा है ! भारत की उपजाऊ जमीन और प्राकृतिक संसाधनों पर कब्जा करने के लिए कृषि प्रधान वैष्णव संस्कृति के…

रावण नीति के 10 अध्याय : Yogesh Mishra

रक्ष संस्कृति का राजा रावण जिसने इस पृथ्वी पर एक नई जीवन शैली की स्थापना की थी, जिसे कालांतर में “रक्ष संस्कृति” कहा गया ! ऐसे ही विद्वान नीतिकार रावण ने इस समस्त पृथ्वी पर अपने साम्राज्य को चलाने के…

कभी इस पृथ्वी पर बस सिर्फ शैवों का शासन था : Yogesh Mishra

जैसा कि हम सभी लोग जानते हैं कि आज से 10,000 साल पहले भारत पर वैष्णव आक्रांताओं ने छल पूर्वक अपना नियंत्रण करना शुरू कर दिया था ! जिसे भारत के इतिहास में आर्यों का आगमन कहा गया ! जिससे…