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कर्म, भाग्य और ज्योतिष का आपसी सम्बन्ध ! : Yogesh Mishra

कर्म, मनुष्य का परमधर्म है ! पूरी गीता ही निष्काम कर्म योग का ही शास्त्र है ! कर्म ही व्यक्ति को बंधन में बांधता है ! व्यक्ति का जन्म और मरण, उसके कर्मों के अनुसार होता है ! व्यक्ति का…

औद्योगिक क्रान्ति ही विश्व के सर्वनाश का कारण है ! : Yogesh Mishra

भारत को लूटने के बाद ब्रिटेन और बाद में यूरोप में वर्ष 1780 से 1820 के बीच हुये प्रचंड औद्योगिक प्रगति के फलस्वरूप सामाजिक, आर्थिक, राजनितिक तथा वैचारिक क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन हुये ! इसका प्रभाव इंग्लैण्ड तक ही सिमित…

वह श्राप जिन्होंने सनातन संस्कृति का इतिहास बदल दिया ! : Yogesh Mishra

श्राप हिन्दू मान्यताओ के अनुसार यह वह नकारात्मक आध्यात्मिक शक्ति है ! जिसे वर्षो की साधक द्वारा कमाया जाता तो है ! पर क्रोध में आकर दूसरे का अनिष्ट करने के लिये क्षण भर में नष्ट कर देता है !…

सनातन धर्म पर एक और हमला : Yogesh Mishra

दक्षिण भारत के प्रसिद्ध संत नित्यानंद, कांची पीठ के शंकराचार्य, आसा राम बापू और राम रहीम सच्चा डेरा प्रमुख की घटनाओं को देखते हुये मैंने वर्ष 2017 में यह घोषित कर दिया था कि अगले 5 साल में ईसाई समाज…

क्या इंदिरा गाँधी ने गौरक्षकों पर गोली चलवाई थी ! : Yogesh Mishra

7 नवम्बर 1966 को गोपाष्टमी के दिन संसद भवन के सामने धर्म सम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज के नेतृत्व में गौ हत्या बंदी कानून बनने के लिये विनोबा भावे का आशीर्वाद लेकर संतों का एक बड़ा आन्दोलन शुरू हुआ था…

क्यों मां की आवाज सुनकर व्यक्ति आत्महत्या का निर्णय त्याग देता है ! : Yogesh Mishra

आजकल मनोविज्ञान पर विभिन्न तरह के बहुत गंभीर शोध हो रहे हैं ! उन्हीं शोधों में एक निष्कर्ष यह भी निकला है कि जब व्यक्ति अत्यधिक तनाव में रहे और उस तनाव के कारण यदि वह कोई आत्मघाती कदम उठाने…

मुझे भ्रमित, नास्तिक, धर्मद्रोही और विधर्मी कहने के पहले धर्म ग्रंथों का अध्ययन करें ! : Yogesh Mishra

कल सायंकाल मेरे एक मित्र का फोन आया और वह फोन पर ही अपनी शिकायत दर्ज करवाने लगे कि मिश्रा जी आपके लेखों में बड़ा भ्रम है ! कभी तो आप देवी-देवताओं का समर्थन करने लगते हैं और कभी आप…

राष्ट्रद्रोही बनाम राष्ट्रघाती में अंतर : Yogesh Mishra

हिंदी एक बहुत ही अद्भुत भाषा है ! इसमें अलग-अलग शब्दों के अलग-अलग अर्थ होते हैं ! किंतु अज्ञानतावश हम लोग एक स्थान पर जो शब्द प्रयोग किया जाना चाहिये ! उसकी जगह किसी अन्य शब्द का प्रयोग कर देते…

हड़प्पा और मोहनजोदड़ो के समय तक विकसित नहीं हुई थी “संस्कृति भाषा” : Yogesh Mishra

क्या हड़प्पा और मोहनजोदड़ो की लिपियाँ पढ़ी जा सकती हैं ? हड़प्पा और मोहनजोदड़ो की खुदाई में मिले बर्तन समेत अन्य वस्तुओं पर सिंधु घाटी सभ्यता की अंकित चित्रलिपियों को पढ़ने की कोशिशें लगातार जारी हैं ! यह तो निश्चित…

ब्रह्मांड का सबसे बड़ा रहस्य-एंटीमैटर : Yogesh Mishra

खुद को आईने में देखियह ! वहां भी आप ठीक आपने सामने आपने को वैसे ही पाते हैं ? तब आप कहेंगे कि यह मेरा प्रतिबिम्ब है ! ठीक इसी तरह कभी सोंचा है कि जिस पृथ्वी पर आप रहते…