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गुमनामी बाबा को लेकर आखिर जस्टिस सहाय पर किसका दबाव था : Yogesh Mishra

लखनऊ हाईकोर्ट जस्टिस रहे विष्णु सहाय ने गुमनामी बाबा की असलियत के नाम पर विस्तृत जाँच के बाद फैसला कर दिया कि फैजाबाद के गुमनामी बाबा का नेताजी सुभाष चंद्र बोस से कोई लेना-देना नहीं था ! इसके साथ ही…

मंदिरों में बैठा हुआ भगवान ईश्वर नहीं है ! : Yogesh Mishra

इन्द्रं मित्रं वरुणमग्निमाहुरथो दिव्य: स सुपर्णो गरुत्मान् ! एकं सद् विप्रा बहुधा वदंत्यग्नि यमं मातरिश्वानमाहु: !! – ऋग्वेद (1/164/46) जिसे लोग इन्द्र, मित्र, वरुण आदि कहते हैं, वह सत्ता केवल एक ही है, ऋषि लोग उसे भिन्न-भिन्न नामों से पुकारते…

मंदिरों में बैठने से भगवान को भी घमंड आ जाता है ! : Yogesh Mishra

भगवान कोई वी.आई.पी. नहीं जिसे मंदिरों में सुरक्षित बैठा दिया जाये ! बल्कि वह प्रकृति का एक सार्वजनिक सेवक है ! जिसका काम ईश्वर द्वारा जो जीव आत्मायें पृथ्वी पर निवास कर रही हैं ! उनके सभी का दुख दर्द…

हाँ मैं जातिवादी हूँ ! : Yogesh Mishra

किसी मुर्ख ने फेसबुक पर कल मुझसे कहा कि आपको अपने नाम के आगे से जाति सूचक शब्द हटा देना चाहिये ! जबकि वह स्वयं गुप्ता लगाये हुये थे ! तो मैने सोचा कि मैं उनको ही नहीं पूरी दुनिया…

नेताजी सुभाष चन्द्रबोस के साथ आवाम का विश्वासघात : Yogesh Mishra

तुम मुझे खून दो, मैं तुम्‍हें आजादी दूंगा ! जय हिन्द ! जैसे नारों से आजादी की लड़ाई को नई ऊर्जा देने वाले नेताजी सुभाष चंद्र बोस भारत के उन महान स्वतंत्रता सेनानियों में रहे हैं ! जिनसे लम्‍बे समय…

राष्ट्र में ब्राह्मण नहीं तो कुछ भी नहीं बचेगा : Yogesh Mishra

भारत का मनुष्य अपनी असफलता और बुराई का दोष भाग्य और ईश्वर को देता है समाज की बुराई का श्रेय ब्राह्मण को जाता है ! आज जो पुत्र पैदा हुआ, जो नौकरी मिली, जिसको लोग कहते है ईश्वर कि कृपा,…

आखिर जाति के नाम पर ब्राह्मणों पर अत्याचार कब तक : Yogesh Mishra

सवर्णों में एक जाति ब्राह्मण है ! जिस पर सदियों से राक्षस, पिशाच, दैत्य, दानव, यवन, मुगल, अंग्रेज, कांग्रेस, सपा, बसपा, वामपंथी, भाजपा, सभी राजनीतिक पार्टियाँ और आधुनिक कानूनों के ओट में हरिजन एक्ट और आरक्षण के नाम पर विभिन्न…

क्या आदि गुरु शंकराचार्य ही नेताजी सुभाष चंद्र बोस हैं : Yogesh Mishra

प्रकृति की व्यवस्था यदि पूर्वाग्रही होकर देखा जाये तो अत्यंत जटिल है ! अन्यथा तटस्थ भाव से यदि प्रकृति को समझने की चेष्टा की जाये ! तो प्रकृति अपने रहस्य स्वयं ही खोलने लगती है ! प्रकृति बहुत ही व्यवस्थित…

जानिए म्लेच्छता का विज्ञान : Yogesh Mishra

“म्लेच्छ” शब्द का अर्थ है वह व्यक्ति जिसकी इच्छा मल की तरह दूषित हो अर्थात सामाजिक व्यवस्था के विपरीत मल के समान दूषित इच्छा प्रगट करने वाला व्यक्ति “म्लेच्छ” है ! जैसे परस्त्री या कन्या के भोग की इच्छा या…

राष्ट्रीय एकता के नाम पर इतिहास के हत्यारे कौन हैं : Yogesh Mishra

लालबहादुर शास्त्री की मृत्यु के बाद 1966 में इंदिरा गांधी को प्रधानमंत्री बने रहने के लिये वामपंथियों की मदद चाहिये थी ! समझौता हुआ कि आप प्रधानमंत्री बनी रहो पर हमें देश की शिक्षा व्यवस्था दे दो ! अत: कट्टर…