परम गुप्त तंत्र मुद्रा विज्ञान पर विशेष सत्र

हमारे मस्तिष्क का सीधा संबंध हमारी उंगलियों से है ! इस रहस्य को भगवान शिव ने तंत्र मुद्रा विज्ञान में हजारों साल पहले मनुष्य को बतला दिया था ! इसीलिए उंगलियों पर बनने वाली आकृति और हमारे मस्तिष्क के अंदर…

हमारे मस्तिष्क का सीधा संबंध हमारी उंगलियों से है ! इस रहस्य को भगवान शिव ने तंत्र मुद्रा विज्ञान में हजारों साल पहले मनुष्य को बतला दिया था ! इसीलिए उंगलियों पर बनने वाली आकृति और हमारे मस्तिष्क के अंदर…

नास्तिक होने का तात्पर्य मात्र हिन्दू जीवन शैली का विरोधी होना मात्र नहीं है, बल्कि किसी विशेष जीवन शैली या जीवन दर्शन ( धर्म ) को न मानने वाला भी नास्तिक ही होता है ! इस दुनिया में 6000 से…

‘धर्मो रक्षति रक्षितः’ एक संस्कृत वाक्यांश है ! इसका अर्थ है कि जो व्यक्ति धर्म की रक्षा करता है धर्म उस व्यक्ति की रक्षा करता है ! यह वाक्य महाभारत और मनुस्मृति में सिद्धान्त के रूप में मिलता है !…

धर्म ही मनुष्य की विशेषता है । धर्म विहीन स्वतन्त्रता, स्वेच्छाचारिता या उच्छृंखलता के ही रूप में परिणत हो जाती है । “सर्वोपाधिविनिर्मुक्त ब्रह्मात्म भाव” प्राप्त होने से पहले प्राणी को अवश्य ही धार्मिक, आध्यात्मिक, सामाजिक विभिन्न नियन्त्रणों के परतन्त्र…

प्राय: समाज में देखा जाता है कि बड़े-बड़े संगठनों में दरिद्र मानसिकता के लोग संगठन विरोधी कार्यों में लिप्त पाये जाते हैं ! इसका पहला मनोवैज्ञानिक कारण यह है कि दरिद्र व्यक्ति इसलिए दरिद्र होता है क्योंकि वह सामाजिक प्रतिष्पर्धा…

सांसारिक व्यक्तियों को तत्वज्ञानियों से दूरी बनाकर रखना चाहिए ! क्योंकि तत्व ज्ञानी आपके उस “अहंकार” को खा जाता है, जो इस संसार में आपकी पहचान है ! अर्थात दूसरे शब्दों में कहा जाए तो तत्वज्ञानी इस संसार में आपकी…

समाज को वैष्णव ने अनावश्यक तंत्र से डरा कर रखा है, जबकि तंत्र भगवान शिव द्वारा मानव को बतलाया गया “लोक कल्याण का सर्वश्रेष्ठ ज्ञान” है ! जो इस रहस्यमय गूढ़ ज्ञान को समझ लेता है, उसे जीने की कला…
सनातन शास्त्रों में धन को “लक्ष्मी” कहा गया है और माता लक्ष्मी सर्वशक्ति संपन्न भगवान विष्णु की “पत्नी” हैं ! अतः धन प्राप्ति के लिए किसी भी पूजन या तंत्र का प्रयोग करने के पूर्व यह परीक्षण कर लेना परम…

एक सर्कस में बहुत से जोकर काम करते थे ! उनमें से 6 जोकर एक ही क्षेत्र के थे, अतः उनमें बहुत अच्छी दोस्ती थी ! कोरोना काल में जब सर्कस के प्रदर्शन पर प्रतिबंध लग गया, तब अचानक इन…

जीवन में शत्रुओं का बहुत महत्व है क्योंकि वह हमें बार बार चुनौती देकर हमें मजबूत और बेहतर बना देते हैं। यह निरंतर हमें लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए विरोध स्वर में प्रेरित करते रहते हैं और हमें अपनी…