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विचारों में बिखराव ही आपके विनाश का कारण है : Yogesh Mishra

 आपने देखा होगा कि अपने जीवन में बहुत से लोग बहुत ही अधिक प्रतिभावान होते हैं और कुछ पर ईश्वर की इतनी कृपा होती है कि उनके पास सभी तरह के संसाधन मौजूद होते हैं, लेकिन इसके बाद भी ऐसे…

विचार नहीं वृत्ति को बदलो : Yogesh Mishra

विचार और वृत्ति दोनों अलग-अलग हैं !  प्राय: लोग यह मानते हैं कि विचार को बदलने से  जीवन को बदला जा सकता है !  लेकिन जीवन के सूक्ष्म दर्शन में यह पाया गया है कि विचारों को बदलने से जीवन…

रामायण का अपहरण : Yogesh Mishra

वास्तव में रामायण जैसा कोई ग्रंथ नहीं है ! रामायण ग्रंथ को मूल रूप से महर्षि वाल्मीकि ने “वैदेही चरित्र” के नाम से लिखा था ! इस पुस्तक को लिखने के पीछे मुख्य कारण यह था कि महर्षि वाल्मीकि राजा…

युवाओं के कल्याण के लिये विशेष अभियान

कहा जाता है किसी भी देश की रीड़ उसे देश का युवा होता है ! किन्तु गलत जीवन शैली और जीवन में विकसित होने के अवसर की कमी के कारण आज भारत का युवा अंदर तक इतना डरा हुआ है…

मेरे जीवन का उद्देश्य

मेरे भविष्य की कार्य योजना के अनुसार निकट भविष्य में सनातन विधाओं के प्रचार-प्रसार, साधना एवं प्रशिक्षण के लिए शैव जीवन शैली के अनुरूप एक विशिष्ट प्रशिक्षण स्थल की स्थापना करना है ! जिसमें व्यक्ति प्राकृतिक अवस्था में जीवन निर्वाह…

मूल रक्षक कलावा : Yogesh Mishra

 अनादि काल से शासन सत्ता में रहने वाले राजा महाराजा अपने गुरु या आचार्य के माध्यम से शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने के लिए तथा अपने प्रभाव और साम्राज्य के विस्तार के लिए तंत्र विधान से तैयार किए गये “मूल…

मांगलिक दोष एक मात्र प्रपोगंडा है : Yogesh Mishra

प्रायः माना जाता है  कि जन्म कुंडली में यदि मंगल देव 1,4,7,8 और 12 भाव में विद्यमान हो तो जातक की जन्मकुंडली में साधारणतया मांगलिक दोष का निर्माण होता है ! जिस कारण जातक का दांपत्य जीवन में भी बिखराव…

महाकाल की अदालत का समय शुरू हो गया है : Yogesh Mishra

बहुतों को यह शिकायत होती है कि बुरा आदमी तेजी से विकास करता है और अच्छा व्यक्ति पूरे जीवन संघर्ष करता रहता है ! किन्तु अब भगवान शिव ने हमारी इस शिकायत को दूर करने का निर्णय ले लिया है…

भारतीय शेयर बाजार का सांड सो गया है : Yogesh Mishra

भारत के गिरते शेयर बाजार पर लोगों की टिप्पणी यह है कि अमेरिका और यूरोप के कई देश कंगाली के कगार पर आ गये हैं ! इसलिए उन देशों में विषम आर्थिक परिस्थितियों का असर भारत के शेयर बाजार पर…

ब्राह्मणों की तरह संकल्पवान होना भी कठिन है  : Yogesh Mishra

 ब्राह्मणों से नफरत करने वाले कुछ अज्ञानी लोग अपने अंदर तो प्रतिभा और क्षमता का विकास नहीं कर पाते हैं किंतु ब्राह्मणों की संकल्प शक्ति से नफरत जरूर करते हैं !  ब्राह्मण कितना संकल्पवान होता है, इसके कई साक्षात उदाहरण…