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विश्व सत्ता के आक्रमण से हमें हमारी मानसिक शक्तियां ही बचा सकती हैं : Yogesh Mishra

यह एक ध्रुव सत्य है कि मानव मस्तिष्क से अधिक इस सृष्टि में कुछ भी शक्तिशाली नहीं है ! मानव मस्तिष्क प्रकृति के हर तरह की ऊर्जाओं को संचालित और नियंत्रित करने का सामर्थ्य रखता है ! आज विश्व में…

विश्व की सबसे बड़ी समस्या : Yogesh Mishra

 आज वैश्विक शिक्षा जगत में व्यवसायिक दृष्टिकोण को सर्वाधिक महत्व दिया जाने लगा है और विश्व के सभी शिक्षण संस्थान बिना किसी अकाउंटेबिलिटी के करोड़ों रुपए फीस लेकर छात्रों का जीवन बर्बाद कर रहे हैं !  आज विश्व में कोई…

विज्ञान द्वारा अमरत्व की खोज : Yogesh Mishra

आपका भविष्य कृतिम बुद्धमत्ता (AI) से भरपूर है ! आज पूरा विज्ञान जगत एक महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के तरह अमरत्व की खोज में लगा है ! हालांकि यह प्रकृति के नियम से विरुद्ध है ! इसमें सफलता मिले की उम्मीद भी…

विचारों में बिखराव ही आपके विनाश का कारण है : Yogesh Mishra

 आपने देखा होगा कि अपने जीवन में बहुत से लोग बहुत ही अधिक प्रतिभावान होते हैं और कुछ पर ईश्वर की इतनी कृपा होती है कि उनके पास सभी तरह के संसाधन मौजूद होते हैं, लेकिन इसके बाद भी ऐसे…

विचार नहीं वृत्ति को बदलो : Yogesh Mishra

विचार और वृत्ति दोनों अलग-अलग हैं !  प्राय: लोग यह मानते हैं कि विचार को बदलने से  जीवन को बदला जा सकता है !  लेकिन जीवन के सूक्ष्म दर्शन में यह पाया गया है कि विचारों को बदलने से जीवन…

रामायण का अपहरण : Yogesh Mishra

वास्तव में रामायण जैसा कोई ग्रंथ नहीं है ! रामायण ग्रंथ को मूल रूप से महर्षि वाल्मीकि ने “वैदेही चरित्र” के नाम से लिखा था ! इस पुस्तक को लिखने के पीछे मुख्य कारण यह था कि महर्षि वाल्मीकि राजा…

युवाओं के कल्याण के लिये विशेष अभियान

कहा जाता है किसी भी देश की रीड़ उसे देश का युवा होता है ! किन्तु गलत जीवन शैली और जीवन में विकसित होने के अवसर की कमी के कारण आज भारत का युवा अंदर तक इतना डरा हुआ है…

मेरे जीवन का उद्देश्य

मेरे भविष्य की कार्य योजना के अनुसार निकट भविष्य में सनातन विधाओं के प्रचार-प्रसार, साधना एवं प्रशिक्षण के लिए शैव जीवन शैली के अनुरूप एक विशिष्ट प्रशिक्षण स्थल की स्थापना करना है ! जिसमें व्यक्ति प्राकृतिक अवस्था में जीवन निर्वाह…

मूल रक्षक कलावा : Yogesh Mishra

 अनादि काल से शासन सत्ता में रहने वाले राजा महाराजा अपने गुरु या आचार्य के माध्यम से शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने के लिए तथा अपने प्रभाव और साम्राज्य के विस्तार के लिए तंत्र विधान से तैयार किए गये “मूल…

मांगलिक दोष एक मात्र प्रपोगंडा है : Yogesh Mishra

प्रायः माना जाता है  कि जन्म कुंडली में यदि मंगल देव 1,4,7,8 और 12 भाव में विद्यमान हो तो जातक की जन्मकुंडली में साधारणतया मांगलिक दोष का निर्माण होता है ! जिस कारण जातक का दांपत्य जीवन में भी बिखराव…