Category Astrology

आजीविका के क्षेत्र में तनाव और कलंक क्यों ? : Yogesh Mishra

जन्म कुण्डली हमारे जन्म समय का नक्शा है,जन्म के समय किस राशि में कौन सा ग्रह कितने अंश में है, इसमें अंकित किया जाता है,हम ज्योतिष शास्त्र के द्वारा किसी भी व्यक्ति के जीवन में घटने वाली किसी भी घटना,समय,घटनास्थल…

जानिए : पदोन्नति में विलंब या बाधा के योग : Yogesh mishra

जन्म कुण्डली हमारे जन्म समय का नक्शा है,जन्म के समय किस राशि में कौन सा ग्रह कितने अंश में है, इसमें अंकित किया जाता है,हम ज्योतिष शास्त्र के द्वारा किसी भी व्यक्ति के जीवन में घटने वाली किसी भी घटना,समय,घटना…

गर्भ काल में शिशु को कैसे पोषित व सुरक्षित करें !!

संतति का जन्म सनातन धर्म में एक आध्यात्मिक कार्य है ! आने वाली पीढ़ियों के उत्तरोतर सुधार के लिये सन्तान की उत्पत्ति की ज्योतिष-शास्त्र में आध्यात्मिक दृष्टि से विचार किया गया है ! इसके लिये गर्भमास के स्वामियों के अनुसार…

सामाजिक विकृति का कारण शुक्र की प्रधानता है !! Yogesh Mishra

सनातन संस्कृति में देवताओं के गुरु वृहस्पति का अपना विशेष स्थान है किन्तु आज के युग में असुरों के गुरु शुक्र की प्रधानता है, बेशक ज्योतिष के विद्वानों को मेरी यह बात कुछ अटपटी सी लगेगी ! परंतु तथ्य यही…

प्रत्येक रोग का सम्बन्ध ग्रहों से है !! Yogesh Mishra

आरोग्यं परमं सुखम् अर्थात् अच्छा स्वास्थ्य सबसे उत्तम सुख होता है ! सभी प्राचीन डॉक्टर, आयुर्वेद के साथ-साथ, ज्योतिष का भी ज्ञान रखते थे ! इसी कारण बीमारी का परीक्षण ग्रहों की स्थिति के अनुसार सरलता से करते थे !…

कुण्डली के मुख्य ग्रह को पहचानिये ! : Yogesh Mishra

कौन सा ग्रह सबसे बलशाली है कुंडली मे मुख्य ग्रह की बहुत ही विशेषता है ! अगर कुंडली मे मुख्य ग्रह मजबूत है तो आपको दूसरें ग्रहों के बारे में सोचने की ज़रूरत नहीं है ! मुख्य ग्रह के मजबुत…

जानिए ज्योतिष के विभिन्न राजयोग : Yogesh Mishra

उत्तरकालामृत ग्रन्थ में उल्लेखित राजयोग ज्योतिषीय खोज है, जो कालिदास द्वार रचित है ! वह विक्रमादित्य के समय के विद्वान थे ! हजारों वर्ष के उपरांत आज भी यह खोज सत्य ही प्रतीत होती है ! इस ज्योतिषीय योग से…

जानिए कौन सा रोग किस ग्रह स्थिती में होता है ! Yogesh Mishra

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार व्यक्ति के वर्तमान जीवन में जो भी उसकी शारीरक, मानसिक, सामाजिक या अध्यात्मिक परिस्थितियां या प्रवृत्ति है वह उसके पूर्व जन्म के संचित कर्मो के आधार पर निर्धारित होती है ! व्यक्ति की कुंडली में उसी…

गुरु चांडाल योग के लक्षण, प्रभाव और उपाय : Yogesh Mishra

नव ग्रहों में सबसे अधिक शुभ माना जाने वाला ग्रह गुरु है ! किसी भी कार्य के सफल या असफल होने के पीछे गुरु ग्रह की स्थिति बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है ! गुरु चांडाल योग के प्रभाव से जीवन…

कुंडली में असाध्य और जानलेवा रोगों को कैसे पहचानें !! : Yogesh Mishra

हमारे सौर मंडल के सभी ग्रह समस्त ब्रह्मांड को प्रभावित करते हैं ! प्रत्येक ग्रह की अपनी विशेषताएं हैं ! शनि को दुख और अभाव का कारक ग्रह माना जाता है ! किंतु जन्म के समय यदि वह बलवान हो…