आखिर “वैचारिक आंदोलन” करेगा कौन और किसके लिये ? Yogesh Mishra

( राष्ट्र हित में गंभीर चिंतन, कमेंट जरुर करें ) आंदोलन या तो आभाव से पैदा होता है या चिंतन से ! और इन दोनों से अलग हटकर जो आंदोलन पैदा होता है ! वह आंदोलन नहीं आंदोलन का भ्रम…

( राष्ट्र हित में गंभीर चिंतन, कमेंट जरुर करें ) आंदोलन या तो आभाव से पैदा होता है या चिंतन से ! और इन दोनों से अलग हटकर जो आंदोलन पैदा होता है ! वह आंदोलन नहीं आंदोलन का भ्रम…

हमारे देश के सांसदों की माली हालत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आज दोनों सदनों के सांसदों की घोषित संपत्ति दस हजार करोड़ रुपये (एक खरब) से अधिक है ! चुनाव आयोग के अनुसार, वर्तमान…

निसंदेह राजीव दीक्षित का चिंतन और उनकी विचारधारा राष्ट्र को एक सशक्त स्वरूप में खड़ा कर सकती है ! राष्ट्र के नागरिकों का आहार-विहार-विचार जो आज दूषित है, यही राष्ट्र के पतन का कारण है ! जिसे निरंतर राजीव दीक्षित…

भारत के तथाकथित “राष्ट्रवादी” सामाजिक और राजनैतिक संगठनों का पूर्व के सत्ताधीश राजनीतिक दल पर यह आरोप था कि उस राजनीतिक दल का संसदीय मुखिया “कुछ बोलता ही नहीं” और राजनैतिक मुखिया क्योंकि “विदेशी पृष्ठभूमि” का है ! अतः उसका…

देश के प्रधानमंत्री ने दो टूक निर्देश देते हुए राज्य सरकारों को यह कहा है कि “यदि गौरक्षा के नाम पर कोई भी व्यक्ति देश की कानून व्यवस्था अपने हाथ में लेता है, तो उसके विरुद्ध “सख्त से सख्त कार्यवाही”…

हमारे देश के प्रधानमंत्री समय-समय पर गौरक्षकों को अच्छे व्यवहार की नसीहत देते रहते हैं, पर कभी यह नहीं कहते कि “गौ तस्करी करने वाले अपराधी हैं और इनके विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जानी चाहिये” या भारत में अब वधशालाओं…

ब्रिटिश सेनापति “रोबर्ट क्लाइव” ने बंगाल का नवाब “सिराजुद्दोला” के सेनापति “मीर जाफ़र” को अपनी तरफ मिला कर 1757 में “पलासी का युद्ध” जीत कर भारतवर्ष में ब्रिटिश साम्राज्य की नीव डाल दी थी ! इसके बाद भारत के लूट…

21 जून को लखनऊ में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियां बड़े जोरों पर है ! ऐसी सूचना है कि भारत के माननीय प्रधानमंत्री तथा उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री तथाकथित अंतर्राष्ट्रीय स्वयंभू योगा गुरु के साथ योग नहीं योगा करेंगे…

आजकल प्रायः देखा जाता है कि जब किसी “व्यक्ति” या “घटना” के संदर्भ में कोई सूचना समाज को प्राप्त होती है तो समाज सीधा-सीधा दो हिस्सों में बंट जाता है ! एक वर्ग उस व्यक्ति या घटना के पक्ष में…

ग्रह दोष के कारण किसी व्यक्ति का अप्रत्याशित समस्याओं में फंस जाना एक अलग विषय है ! और अप्रत्याशित समस्याओं के आ जाने के कारण अवसाद अर्थात डिप्रेशन में चला जाना एक दूसरा विषय है ! प्रायः लोग इन दोनों…