‘देश भक्त मुर्गी’ की कहानी अवश्य पढ़ें | Yogesh Mishra

एक मुर्गी का मालिक राष्ट्रवादी पार्टी का बहुत बड़ा नेता था ! मुर्गी देशहित में अंडे दे रही थी और मालिक बेंच रहा था! उसके मालिक ने कहा था- ’’ आज राष्ट्र को तुम्हारे अंडों की जरूरत है! यदि तुम…

एक मुर्गी का मालिक राष्ट्रवादी पार्टी का बहुत बड़ा नेता था ! मुर्गी देशहित में अंडे दे रही थी और मालिक बेंच रहा था! उसके मालिक ने कहा था- ’’ आज राष्ट्र को तुम्हारे अंडों की जरूरत है! यदि तुम…

आत्म उत्थान और आत्मरक्षा के लिए भी व्यक्ति को “चिंतन” की आवश्यकता होती है ! चिंतन करने के लिए “मन का निग्रह” परम आवश्यक है और मन के निग्रह के लिए व्यक्ति को बाहर से आने वाली सूचनाओं के क्रम…

अपने ही जन्म स्थान पर “भगवान राम” को “त्रिपाल” में बिठाये रखने के बाद आज गाय से घोषणा पत्र में पल्ला झाड़ लिया गया है ! अब क्या देश का तथाकथित राष्ट्रवादी राजनीतिक दल “गाय” पर राजनीति नहीं करना चाहता…

“गाय” ने तो कभी ख्वाब में भी नहीं सोचा होगा कि उसके तथाकथित “गौपुत्र” जो “गौरक्षा” के नाम पर “लाठी, डंडा, बंदूक, तलवार, आदि लेकर रात में खुली जीपों पर “अपनी जान” जोखिम में डालकर “कसाईयों” और “तस्करों” से “गायों”…

जब इस्लामिक धार्मिक मान्यता के अनुसार किसी भी मुसलमान को भारत के अंदर “भारत माता की जय” कहने या “वंदे मातरम” गीत गाने के लिए बाध्य किया जा सकता है ! तो हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार जो हिंदूओं…

किसी भी वस्तु की “आवश्यकता” व्यक्ति को निरंतर उस वस्तु की तरह आकर्षित करती रहती है जैसे मनुष्य के जिंदा रहने के लिए रोटी की जरूरत है ! जिसे व्यक्ति बचपन से लेकर व्रद्धावस्था तक, जब तक जीवित रहता है…

“आज भारत की अर्थव्यवस्था पर विदेशी कंपनीयों का बहुत बड़ा कब्जा है, अब समय आ गया है कि विदेशी उत्पादों का बहिष्कार कर स्वदेशी अपनाएँ ! इस स्वतंत्रता दिवस पर स्वदेशी इस्तेमाल करने का संकल्प लें!“ ऐसा एक “भगवा व्यवसाई”…

हर गांव में “गुरुकुल” खुलेगा ! “मैकाले” की शिक्षा नीति के तहत चलने वाले सभी शिक्षण संस्थायें स्वतः बंद हो जायेंगी ! अब हिंदुस्तान में हर व्यक्ति “आयुर्वेदिक जड़ी बूटियां” खाकर के स्वस्थ हो जाएगा “एलोपैथी दवाइयां” बिकनी बंद हो…

( राष्ट्र हित में गंभीर चिंतन, कमेंट जरुर करें ) आंदोलन या तो आभाव से पैदा होता है या चिंतन से ! और इन दोनों से अलग हटकर जो आंदोलन पैदा होता है ! वह आंदोलन नहीं आंदोलन का भ्रम…

हमारे देश के सांसदों की माली हालत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आज दोनों सदनों के सांसदों की घोषित संपत्ति दस हजार करोड़ रुपये (एक खरब) से अधिक है ! चुनाव आयोग के अनुसार, वर्तमान…