Tag Archives: hindu mythology

देव और दानव कौन थे, आदि सभ्यता के विकास का संक्षिप्त इतिहास ! Yogesh Mishra

‘असुर’ शब्द का प्रयोग ऋग्वेद में लगभग 105 बार हुआ है ! उसमें 90 स्थानों पर इसका प्रयोग ‘शोभन’ अर्थ में किया गया है और केवल 15 स्थलों पर ही इन्हें ‘देवताओं का शत्रु’ बतलाया गया है ! अर्थात असुर शुरुआत में देवताओं के शत्रु नहीं थे कालांतर में जब …

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हमें धर्म का अनुपालन क्यों करना चाहिये ? सुर और असुर का सत्य | Yogesh Mishra

जहां-जहां गणना किया जाना संभव है, वहां-वहां परिणामों में निश्चित रूप से परिवर्तन किया जा सकता है और जहां-जहां परिणामों में निश्चित रूप से परिवर्तन किया जा सकता है वहां-वहां निश्चित रूप से रसायन उपलब्ध है ! अर्थात दूसरे शब्दों में यह कहा जा सकता है कि जहां कहीं भी …

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रावण की नाभि का रहस्य | क्या है इसका वास्तविक अर्थ | Yogesh Mishra

बताया जाता है कि रावण की नाभि में अमृत था ! जिस वजह से उसे कोई भी व्यक्ति युद्ध में परास्त नहीं कर सकता था ! जब भगवान श्रीराम ने रावण के साथ युद्ध किया तब राम ने जब उसके सिर व भुजा पर वार किया तब अनेक बार उसका …

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राम ने रावण की हत्या की थी या उसका वध किया था ! Yogesh Mishra

हत्या और वध में अंतर होता है ! हत्या का तात्पर्य है कि जब किसी व्यक्ति को बिना किसी कारण, बिना किसी दोष के जान से मार दिया जाता है तो उसे हत्या कहते हैं ! इस तरह की हत्या करने वाले व्यक्ति को धर्म और विधि दोनों ही दण्डित …

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वैष्णव संस्कृति के विस्तार के लिये निर्मित व प्रचारित की गई थी “सत्य नारायण व्रत कथा” ! Yogesh Mishra

स्कंद पुराण के रेवाखंड में वर्णित सत्यनारायण व्रत कथा का वर्णन न तो रामायण में मिलता है और न ही महाभारत में मिलता है अर्थात भगवान श्री कृष्ण के काल तक सत्यनारायण व्रत कथा समाज में लोकप्रिय नहीं थी ! भगवान श्री कृष्ण के पृथ्वी लोक से गमन के उपरांत …

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शैव और वैष्णव संस्कृति के झगड़ो के कारण शुरू हुई सती प्रथा | Yogesh

स्कंद पुराण के अनुसार एक बार लोमस ऋषि ने ऋषियों को बतलाया कि राजा दक्ष प्रजापति की बेटी “सती” ने पिता की इच्छा के विरुद्ध भगवान शिव से विवाह कर लिया ! विवाह उपरांत जब राजा दक्ष ने यज्ञ का आयोजन किया तो उसमें अपनी बेटी सती को नहीं बुलाया …

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मात्र मंत्र, संविधा और हवन सामग्री से किये गये यज्ञ से “ज्ञान यज्ञ” अधिक श्रेष्ठ है ! Yogesh Mishra

यज्ञ का तात्पर्य मात्र किसी विशेष लकड़ी की संविधा में अग्नि को जलाकर उसमें कुछ विशेष मंत्रों के साथ हवन सामग्री की आहुति करना नहीं है !यज्ञ अनेकों प्रकार के होते हैं कुछ यज्ञ प्रत्यक्ष दिखाई देते हैं कुछ यज्ञ से हैं जो बाहर तो प्रत्यक्ष नहीं दिखाई देते लेकिन …

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मनुष्य के मस्तिष्क में ईश्वर की उत्पत्ति कैसे हुई ! Yogesh Mishra

वैदिक युग सांसारिक आनंद एवं उपभोग का युग था ! मानव मन की निश्चिंतता, पवित्रता, भावुकता, भोलेपन व निष्पापता का युग था ! जीवन को संपूर्णता से जीना ही उस काल के लोगों का प्रेय व श्रेय था ! प्रकृति के विभिन्न मनोहारी स्वरूपों को देखकर उस समय के लोगों …

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भारत को आतंक से लड़ना इजराइल से सीखना होगा ! Yogesh Mishra

जम्मू-कश्मीर में कल गुरुवार को अब तक का सबसे बड़ा आतंकी हमला हुआ ! जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर अवंतीपोरा के पास गोरीपोरा में हुए हमले में सीआरपीएफ के 44 जवान शहीद हो गये ! लगभग दो दर्जन जवान जख्मी हैं ! इनमें से कई की हालत गंभीर है ! हमले …

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“वैष्णव संतों” की अच्छी मार्केटिंग ने निगल ली, भारतीय तपस्वीयों की “शैव उपासना” पध्यति

कभी आपने विचार किया कि अधिकांश विख्यात सन्त “वैष्णव उपासक” ही क्यों थे और शैव तपस्वीयों को असुर या राक्षस, दानव, पिशाच, गंधर्व, आदिवासी आदि क्यों कहा जाता था ! यह कुछ और नहीं बस वैष्णव समाज की मार्केटिंग थी ! वैष्णव संस्कृति के पोषक जब भारत आये और सरजू …

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