सनातन धर्म पर एक और हमला : Yogesh Mishra

दक्षिण भारत के प्रसिद्ध संत नित्यानंद, कांची पीठ के शंकराचार्य, आसा राम बापू और राम रहीम सच्चा डेरा प्रमुख की घटनाओं को देखते हुये मैंने वर्ष 2017 में यह घोषित कर दिया था कि अगले 5 साल में ईसाई समाज…

दक्षिण भारत के प्रसिद्ध संत नित्यानंद, कांची पीठ के शंकराचार्य, आसा राम बापू और राम रहीम सच्चा डेरा प्रमुख की घटनाओं को देखते हुये मैंने वर्ष 2017 में यह घोषित कर दिया था कि अगले 5 साल में ईसाई समाज…

ईश्वर के सभी आदेश वेदों में ऋचाओं के रूप में दिये गये हैं ! ऋचाओं के दृष्टा विभिन्न वैदिक ऋषि हैं ! जिन्होंने ईश्वर के स्वरूप ब्रह्मांडीय ऊर्जाओं से संपर्क स्थापित कर सृष्टि के संचालन के लिये ईश्वर के निर्देश…

7 नवम्बर 1966 को गोपाष्टमी के दिन संसद भवन के सामने धर्म सम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज के नेतृत्व में गौ हत्या बंदी कानून बनने के लिये विनोबा भावे का आशीर्वाद लेकर संतों का एक बड़ा आन्दोलन शुरू हुआ था…

आजकल मनोविज्ञान पर विभिन्न तरह के बहुत गंभीर शोध हो रहे हैं ! उन्हीं शोधों में एक निष्कर्ष यह भी निकला है कि जब व्यक्ति अत्यधिक तनाव में रहे और उस तनाव के कारण यदि वह कोई आत्मघाती कदम उठाने…

बौद्ध धर्म हिंदु धर्म की ही एक विकृत शाखा है और दोनों ही भारत भूमि से उपजे हैं ! हिन्दू धर्म के वैष्णव संप्रदाय में गौतम बुद्ध को दसंवा अवतार माना गया है ! हालाँकि बौद्ध धर्म इस मत को…

गौतम बुद्ध का जन्म लुंबिनी में 563 ईसा पूर्व इक्ष्वाकु वंशीय क्षत्रिय शाक्य कुल के राजा शुद्धोधन के घर में हुआ था ! उनकी माँ का नाम महामाया था जो कोलीय वंश की थीं, जिनका गौतम बुद्ध के जन्म के…

प्राचीन ग्रन्थों के अनुसार मणिकर्णिका घाट का स्वामी वही डोम राजा चाण्डाल था ! जिसने रघुवंश के सत्यवादी राजा हरिशचंद्र को खरीद लिया था ! किंतु प्रश्न यह है कि बैरागी की नगरी काशी के चांडाल के पास इतनी संपन्नता…

कल सायंकाल मेरे एक मित्र का फोन आया और वह फोन पर ही अपनी शिकायत दर्ज करवाने लगे कि मिश्रा जी आपके लेखों में बड़ा भ्रम है ! कभी तो आप देवी-देवताओं का समर्थन करने लगते हैं और कभी आप…

आध्यात्मिक ऊर्जा सम्प्रेषण का विज्ञान ! किसी अन्य व्यक्ति को आध्यात्मिक ऊर्जा देने के लिये कुछ बिदु अत्यंत महत्वपूर्ण हैं ! प्रथम तो ऊर्जा देने वाले गुरु का परम चेतना के साथ सम्बन्ध होना परम आवश्यक है ! दूसरा ऊर्जा…

हिंदी एक बहुत ही अद्भुत भाषा है ! इसमें अलग-अलग शब्दों के अलग-अलग अर्थ होते हैं ! किंतु अज्ञानतावश हम लोग एक स्थान पर जो शब्द प्रयोग किया जाना चाहिये ! उसकी जगह किसी अन्य शब्द का प्रयोग कर देते…