किसी का विरोध क्यों नहीं करना चाहिए

(आध्यात्मिक कारण) प्राय: व्यक्ति विचारों के न मिलने पर अनावश्यक रूप से किसी अन्य का विरोध करना शुरू कर देता है और व्यक्ति जिस व्यक्ति का विरोध करता है, वह अधिक सक्षम व्यक्ति होता है ! किसी व्यक्ति का अधिक…
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(आध्यात्मिक कारण) प्राय: व्यक्ति विचारों के न मिलने पर अनावश्यक रूप से किसी अन्य का विरोध करना शुरू कर देता है और व्यक्ति जिस व्यक्ति का विरोध करता है, वह अधिक सक्षम व्यक्ति होता है ! किसी व्यक्ति का अधिक…

पढ़ने में अजीब लगेगा लेकिन यह सत्य है कि नास्तिकों की उत्पत्ति आस्तिक प्रपंचकारियों ने की है ! प्राय: आस्तिक अपने भगवान को सिद्ध करने के लिये चमत्कारिक साक्ष्य देने लगते हैं ! यह आस्तिक प्रपंचकारी विद्या अल्पज्ञानियों को लुभाने…

वैष्णव धर्म के कथावाचक दुकानदारों ने अपना धंधा चलाने के लिए यह एक आम अवधारणा विकसित की है, कि “भक्ति धर्म का अनिवार्य अंग है !” और भक्ति से ईश्वर तथा मोक्ष की कृपा प्राप्त होती है ! जब कि…

( संस्थान में पारिवारिक सदस्यों के होलाष्टक अनुष्ठान मात्र 51 ही बुक हो सकेंगे ) भगवान शिव की अदालत लग चुकी है ! जिसके कोतवाल भैरव जी महाराज हैं ! पेशकर शनि देव हैं ! जिनकी नजर से कोई नहीं…

सामान्यतः व्यक्ति एक ढर्रे में जिंदगी जीता है और जब कोई सामाजिक व्यक्ति अपना जीवन जीता है तो उसके आसपास भी उसी के बौद्धिक स्तर और आर्थिक स्तर के लोग होते हैं ! और जब कुछ विशेष व्यक्ति देश, काल,…

इतिहास गवाह है, जब-जब महापुरुषों ने अपने विचारों से समाज को बदलने की कोशिश की है, तब तब समाज ने उस विचारक को मौत के घाट उतार दिया ! फिर वह चाहे सुकरात हो, ब्रूनो हो, ओशो हो, रावण हो,…
प्राय: व्यक्ति अपने भविष्य को जानने के लिए बहुत बड़े-बड़े ज्योतिषियों और तांत्रिकों की तलाश करता रहता है, और अपने मेहनत से कमाये धन का लाखों रुपये इन ठगों को रत्न, रुद्राक्ष, पूजा, अनुष्ठान आदि के नाम पर देते रहते…
हमें गरीब कौन बनाता है ? यह एक बहुत गहरा प्रश्न है ! प्राय: लोग आरोप के तौर पर अपनी गरीबी के लिए राजनेताओं, आर्थिक नीतिकारों या शासन-प्रशासन को दोषी मानते हैं ! लेकिन वास्तव में ऐसा नहीं है !…
हमारी वर्तमान शिक्षा नीति हमें उद्यमी नहीं बनाती बल्कि पूरी दुनिया के लिए हमें बौद्धिक मजदूर बना कर भाग्य भरोसे छोड़ देती है ! फिर वह चाहे आई.आई.टी. हो या आई. आई. एम. ! सभी जगह बड़े बड़े प्रतिष्ठानों के…

हम अपने भविष्य के निर्माण में पुनः गलती न करें, इसलिए हमारे पूर्वज इतिहास लिखा करते थे ! और हमारे गौरवशाली इतिहास ने हमें यह बतलाया है कि भारत हमारे पूर्वजों के अथक प्रयास और सूझबूझ से लगभग 600 वर्ष…