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सनातन सत्य क्यों है

सनातन का तात्पर्य है सृष्टि के उत्पन्न होने के पूर्व उत्पन्न वह नियमों की व्यवस्था जिससे सृष्टि की उत्पत्ति हुई है । अर्थात काल के उत्पन्न होने के पूर्व, कार्य कारण की व्यवस्था के भी उत्पन्न होने के पूर्व जो…

संस्थान के महत्वपूर्ण निर्णय

कल दिनांक 22 मई 2025 को सनातन ज्ञान पीठ की कार्यकारिणी ने गुरु पूर्णिमा अर्थात 10 जुलाई 2025 के उपरांत आगामी आध्यात्मिक वर्ष के लिए अपनी नई कार्य नीति का निर्धारण किया है ! जिसमें चार महत्वपूर्ण लिए गए हैं…

संसार में धन कमाने की कला

भारतीय परिवेश में वैष्णव जीवन दर्शन को अपनाने वाले धन प्राप्ति को प्रारब्ध का विषय मानते हैं ! जबकि विश्व के दूसरे जीवन दर्शन को मानने वाले धन प्राप्ति योजनाबद्ध भयंकर संघर्ष का विषय मानते हैं ! इसीलिए जहां भारतीय…

संवाद विहीन समाज मानवता के लिये बड़ा खतरा

आज के इस आधुनिक युग में मानवता के लिए जो सबसे बड़ा खतरा है, वह है संवाद विहीन समाज ! और इस संवाद विहीन समाज के लिए कोई एक घटक जिम्मेदार नहीं है, व्यक्ति के जीवन की बहुत सी घटनाएं…

संन्यास स्कूल से भागने से अधिक और कुछ नहीं

जिस तरह पढ़ाई में रुचि न लेने वाले बच्चे प्राय: स्कूल से भाग कर इधर-उधर अपना समय बर्बाद करते हैं या कहिये कि वह समय ही नहीं बल्कि अपना जीवन बर्बाद करते हैं ! ठीक उसी तरह यह संसार जो…

शैवों में लकुलीश का महत्व

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि शैव और वैष्णव की संस्कृतियों का संघर्ष पिछले 10,000 वर्षों से इस पृथ्वी पर चल रहा है ! जिसमें अनेक बार वैष्णव आक्रांताओं का प्रभाव इतना अधिक बढ़ गया कि शैवों को अपने…

शैवों को मृत्यु नहीं महामृत्यु चाहिए

प्राय: मृत्यु का तात्पर्य यह माना जाता है कि एक व्यक्ति के पिंड की अवधि पूरी हो गई और उसकी चेतना ने नया पिंड धारण करने के लिए इस पिंड को त्याग दिया ! किंतु पिंड को त्याग देने के…

शैवों के अनुसार भाग्य परिवर्तन का सिद्धांत

वैष्णव जीवन शैली में यह अवधारणा है कि यदि कोई व्यक्ति अपने भाग्य के दुखद क्षणों को बदलना चाहता है, तो उसे भगवान की भक्ति करनी चाहिए ! क्योंकि भगवान ही किसी व्यक्ति के भाग्य को बदल सकते हैं !…

शैव ही मानवता के वास्तविक रक्षक कैसे हैं

पूरे विश्व में एक मात्र शैव जीवन शैली ही है, जो संपूर्ण विश्व में मानवता की रक्षा कर सकती है, अन्यथा अन्य जीवन शैलियां तो मनुष्य का सर्वनाश कर ही रही हैं ! दूसरे शब्दों में मात्र शैव जीवन शैली…

शैव साधक की दिनचर्या कैसी होनी चाहिए

शैव साधक की दिनचर्या वैष्णव साधकों से एकदम अलग होती है ! वैष्णव दूसरों मनुष्यों के बनाये नियम से जीते हैं जबकि शैव साधक प्रकृति का अनुकरण करते हैं ! शैवों के अनुसार यह पिण्ड शरीर ईश्वर का दिया वरदान…