सनातन सर्व शिक्षा महाअभियान : Yogesh Mishra

वर्ष 2022 में सनातन ज्ञान पीठ ने संस्थापक श्री योगेश कुमार मिश्र के निर्देश में शिक्षा के क्षेत्र में बृहद कार्य करने का निर्णय लिया है ! इस वर्ष सनातन ज्ञान पीठ समाज के सभी वर्ग के 1 लाख बच्चों को गोद लेकर नि:शुल्क शिक्षा उपलब्ध करावाने जा रहा है !

यह विश्व में एक अनूठा प्रयोग होगा ! जिस संदर्भ में सनातन ज्ञान पीठ से जुड़े हुए सभी साथियों से अनुरोध है कि वह अपने अपने समय और सामर्थ्य के अनुसार योगदान प्रदान करने की कृपा करें ! जिससे सनातन ज्ञान पीठ को इस विश्वव्यापी अनूठे प्रयोग में सफलता प्राप्त हो सके !

आज पूरी दुनिया में शिक्षा के नाम पर लूटपाट मची हुई है और शिक्षा भी पूरी तरह से अनुपयोगी और तनाव देने वाली है ! इसीलिए मेधावी मस्तिष्क के व्यक्ति अपनी शिक्षा को अधूरा ही छोड़कर व्यवसायिक जगत में कूद पड़ते हैं और विश्व में नया इतिहास लिखते हैं !

आज विश्व के अधिकांश मुख्य अरबपति वही व्यक्ति हैं, जिन्होंने अनुपयोगी शिक्षा को अस्वीकार कर दिया था !

अर्थात कहने का तात्पर्य है कि हम शिक्षा के नाम पर अपने बच्चों को जो दे रहे हैं, उसका व्यवहारिक जगत में कोई भी उपयोग नहीं है !

इस रहस्य को समाज के सामने रखते हुए सनातन शिक्षा पद्धति आने वाली पीढ़ी को उनके अनुरूप प्रशिक्षित करने के उद्देश्य से यह विश्वव्यापी बृहद अभियान छेड़ा गया है ! जिसमें आप सभी का सहयोग आपेक्षित है !

जो व्यक्ति आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को देखते हुए इस विश्वव्यापी सर्व शिक्षा महाअभियान में सहयोग करना चाहते हैं ! वह सभी साथी कमेंट बॉक्स में अपना नाम, संपर्क नंबर, निवास स्थान आदि से संस्थान को अवगत करवाने की कृपा करें अथवा संस्थान के कार्यालय में संपर्क करके मुझसे बात कर सकते हैं !

भारत अनादि काल से विश्व गुरु रहा है ! भविष्य में भी विश्व को दिशा दिखाने का कार्य भारत ही करेगा ! यही प्रकृति की व्यवस्था है ! इस सनातन व्यवस्था के तहत सनातन ज्ञान पीठ ने विश्व को शिक्षा के क्षेत्र में नई दिशा दिखाने का निर्णय लिया है ! जिसमें आप सभी सनातन व्यवस्था में विश्वास रखने वाले साथियों का सहयोग अपेक्षित है !!

अपने बारे में कुण्डली परामर्श हेतु संपर्क करें !

योगेश कुमार मिश्र 

ज्योतिषरत्न,इतिहासकार,संवैधानिक शोधकर्ता

एंव अधिवक्ता ( हाईकोर्ट)

 -: सम्पर्क :-
-090 444 14408
-094 530 92553

Check Also

संबंधों के बंधन का यथार्थ : Yogesh Mishra

सामाजिक दायित्वों का निर्वाह करते करते मनुष्य कब संबंधों के बंधन में बंध जाता है …