असली रुद्राभिषेक क्या है

शैव-दर्शन का उद्घोष है कि “पशुत्वं त्यक्त्वा पतिर्भवेत्”। अर्थात पहले पशु-भाव छोड़ो, तब शिव-भाव आएगा। मतलाब जिसने संसार में मानवीय गुणों के साथ जीना नहीं सीखा, वह भगवान को भी नहीं पा सकता है। यह पलायन-विरोधी, संसार और जीवन को…








