अर्थ भैरव की उत्पत्ति कैसे हुई

सतयुग में देवताओं और असुरों के बीच लगभग सौ वर्षों तक निरंतर और भयंकर युद्ध चला। यह युद्ध केवल अस्त्र-शस्त्रों का नहीं था, बल्कि सत्ता, संसाधनों और संतुलन के लिए लड़ा गया महा संग्राम था ! जिसने तीनों लोकों की…
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सतयुग में देवताओं और असुरों के बीच लगभग सौ वर्षों तक निरंतर और भयंकर युद्ध चला। यह युद्ध केवल अस्त्र-शस्त्रों का नहीं था, बल्कि सत्ता, संसाधनों और संतुलन के लिए लड़ा गया महा संग्राम था ! जिसने तीनों लोकों की…

मानव मस्तिष्क की सबसे गहरी और जटिल संरचना हमारा अवचेतन मन है। इसका प्राथमिक मनोवैज्ञानिक उद्देश्य हमारी सुरक्षा सुनिश्चित करना और हमें किसी भी प्रकार के मानसिक आघात या भावनात्मक पीड़ा से बचाना है। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए…

आपका पाप नहीं आपकी वृत्तियां आपको मरेंगी मुझसे बहुत लोग पूंछते हैं अगले 5 वर्ष में क्या वास्तव में 650 करोड़ लोग मर जायेंगे !आज मैं इसका स्पष्टीकरण देता हूँ ! शैव गणना के अनुसार इस सतयुग आरंभ के संक्रमण…
रेमंड ग्रुप के पूर्व चेयरमैन और दिग्गज उद्योगपति विजयपत सिंघानिया की 87 वर्ष की आयु में पुत्र से विवाद के चलते किराये के मकान में 28 मार्च 2026 की शाम मुंबई में निधन हो गया ! उन्हीं को श्रद्धांजलि स्वरूप…

इस चेतावनी के पीछे का मूल संदेश एकदम सही है। हालाँकि, वैज्ञानिक रूप से वैश्विक तापमान हर वर्ष .5 डिग्री बढ़ने का दावा किया है किन्तु इस जलवायु परिवर्तन के कारण जो भयंकर लू लगातार चलेगी, वह अन्तः जानलेवा होगी।…

आज संसार एकल जीवन शैली के कारण अवसाद की ओर बढ़ रहा है ! पुरानी जीवन शैली में बच्चे माता-पिता के साथ रहते थे, लेकिन पश्चिमी संस्कृति के प्रभाव में व्यावसायिक कारणों से अब बच्चे माता-पिता के साथ नहीं रहते…

एक स्वस्थ्य चित्त व्यक्ति शारीरिक, मानसिक, आर्थिक, आध्यात्मिक और सामाजिक रूप से सक्षम होता है। उसकी शारीरिक व मानसिक ऊर्जा जीवन के अंतिम समय तक अच्छी होती है । वह स्वयं में मानसिक शांति से परिपूर्ण और आत्म संतोषी होता…

समाज में बड़े-बड़े काम कैसे होते हैं प्राय: लोग अपने जीवन के सभी निर्णय अपनी मन:स्थिति, रुचि और स्वार्थ से लेते हैं । यह वृत्ति प्रत्येक व्यक्ति में अलग-अलग होती है, अतः किसी एक कार्य को करने में सभी व्यक्तियों…

विश्व के सभी धर्म अपनी अलग-अलग संस्कृतियों से उपजे हैं और यातायात की सुविधा और तकनीकी के कारण आज यह धीरे-धीरे पूरी दुनिया में फैल गए हैं । इसीलिए सभी धर्म के मध्य प्राय: नियमों का विरोधाभास पाया जाता है…

( विशेष लेख ) प्राय: जीवन में असफल लोगों की यह शिकायत होती है कि मैंने जब भी कोई कार्य शुरू किया, तब वक्त ने मेरा साथ नहीं दिया ! वरना मैं भी सफल हो जाता ! ऐसे साथियों को…