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दिव्य आध्यात्मिक सिद्धि प्राप्ति के लिये क्या करें ? ज्ञानवर्धक जरूर पढ़े !

दिव्य आध्यात्मिक सिद्धि की प्राप्ति में मन चंचलता के रूप में सबसे बड़ी बाधा उत्पन्न करता है | अधिकांशतः यह होता है कि हमे हमारा मन जहाँ ले जाये वही बह जाते है और उस के अनुरूप व्यवहार करते है | मन की चंचलता को आसानी से नियंत्रित नही किया …

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आरंभिक साधक को नकारात्मक विचारों वाले व्यक्तियों से क्यों दूर रहना चाहिए ? जरूर पढ़ें !

दो व्यक्तियों के मध्य सकारात्मक ऊर्जा का आदान प्रदान हो यह आवश्यक नहीं. इसका अर्थ यह है कि नकारात्मक ऊर्जा किसी दुसरे व्यक्ति से सात्विक व्यक्ति को बिना किसी चेतावनी के शांत रूप में प्रवेश कभी भी कर सकती है. सात्विक व आध्यात्मिक व्यक्ति की ऊर्जा की प्रकृति और कार्यशैली, …

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मांसाहारी थे विवेकानंद ,गांजा भी पीते थे इसी कारण से हुई थी मृत्यु ! : Yogesh Mishra

स्वामी विवेकानन्द का जन्म १२ जनवरी सन्‌ १८६3 को कलकत्ता में हुआ था। इनका बचपन का नाम नरेन्द्रनाथ दत्त था। इनके पिता श्री विश्वनाथ दत्त कलकत्ता हाईकोर्ट के एक प्रसिद्ध वकील थे।यह 9 भाई बहन थे | सन् 1884 : पिता जी की मृत्यु के बाद घर का भार नरेन्द्र …

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1857 की क्रांति के बाद भारत के गद्दारों को इकट्ठा करके बनाई गई थी कांग्रेस पार्टी ,पढ़े पूरा लेख !

भारत के कुछ गद्दार राजघरानों के अंग्रेजों से मिल जाने के कारण 1857 की क्रांति विफल हो चुकी थी | देश को स्वतंत्र कराने वाले योद्धाओं को अंग्रेजों ने ढूंढ ढूंढ कर नगरों में सार्वजनिक रूप से जिंदा जला दिया था | चारों तरफ अंग्रेजो के खिलाफ भय और असंतोष …

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आध्यात्मिक दिव्य ऊर्जा का क्षय कैसे हो जाता है ? क्षय होने से बचाने के उपाय !

आध्यात्मिक दिव्य ऊर्जा के क्षय का सबसे प्रमुख कारण मन के सभी छोटे और बड़े नकारात्मक विचार होते हैं | ऐसे विचारो मे अधिकांशतः विचार तुलनात्मक , निषेधात्मक और अपेक्षात्मक होते हैं, जो कि मानव मन को असहज बना देते हैं | भविष्य की आवश्यकता से भी अधिक चिन्ता भी …

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वास्तु दोष और कुंडली में कारावास योग क्या है दोनों का संबंध ! जरूर पढ़ें ! योगेश मिश्र

वास्तु दोष और कारावास योग: क्यों फसता है व्यक्ति मुकदमे, जेल और कानूनी कार्यवाहियों में? बहुत से वास्तु दोष ऐसे हैं जिनके कारण भूखण्ड में ऊर्जा वितरण में असमानता आ जाती हैं। ऊर्जा नाड़ीयां जब विकृत हो जाती हैं या ऊर्जा प्रवाह में रूकावट आती हैं तो विनाश के लक्षण …

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कुंडली में बृहस्पति भी हो सकता है आपके मोटापे का कारण, ज्ञानवर्धक लेख जरूर पढ़ें !

समान्यतः ऐसा माना जाता है कि बृहस्पति आशावाद के प्रतीक हैं, गुरू हैं, ग्रह हैं तथा देवताओं के मुख्य सलाहकार हैं। वे उपदेशक हैं, प्रवाचक हैं तथा सन्मार्ग पर चलने की सलाह देते हैं। वे विज्ञान हैं, दृष्टा हैं तथा उपाय बताते हैं जिनसे मोक्ष मार्ग प्रशस्त हो। यदि गुरू …

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जानिये: कौन से राजयोगों से व्यक्ति बन जाता है युग पुरुष,क्या आपकी कुंडली में भी है ऐसे योग ? जरूर पढ़ें ! Yogesh Mishra

कुण्डली के उपचय – त्रिषडाय तथा त्रिक भावों से बनने वाले राजयोग भी जातक ग्रंथों में पाये जाते है। ये राजयोग भी वास्तविक हैं तथा समाज में उच्च स्थान प्राप्त विशिष्ट व्यक्तियों की कुण्डलियों में देखे जा सकते हैं। लग्र से उपचय स्थानों में समस्त शुभ ग्रह हों तो अति …

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अंग्रेजी शासन व्यवस्था को भारत में लागू करवाने के लिए मनुस्मृति को बदनाम किया अंबेडकर ने ! Yogesh Mishra

डॉ भीमराव अंबेडकर ने अपनी जातिगत राजनीति को चमकाने के लिए ऐसा बताया कि मनुस्मृति ब्राह्मण  संरक्षित  तथा  ब्राह्मण पोषित है  जबकि यह सूचना गलत है मनु स्मृति का अध्ययन करने वाला कोई भी व्यक्ति स्पष्ट रुप से यह देख सकता है कि  मनु स्मृति में किसी भी अपराध के …

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राक्षस नहीं ब्रह्मा के वंश का देवयोनि के उच्चकुल का ब्राह्मण था रावण ! पढ़े पूरा लेख !

सामान्यतया यह माना जाता है के रावण दुष्ट प्रवृत्ति का राक्षस व्यक्ति था लेकिन यह सूचना गलत है रावण भगवान ब्रह्मा के वंश का एक देवयोनि का उच्चकुल का ब्राह्मण था जिसने अपने ज्ञान और पुरुषार्थ से भगवान शिव को प्रसन्न कर कुछ ऐसी शक्तियां प्राप्त करली थी जिनके प्रभाव …

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