खराब बुध ग्रह के ज्योतिषीय लक्षण : Yogesh Mishra

बुध ग्रह विद्या व तेज बुद्धि का सूचक होता हैं ! इसलिये बुध ग्रह के मिथुन और कन्या राशी के व्यक्ति का दिमाग अधिक तेज होता हैं तथा वो पढाई में भी अच्छे होते हैं ! वह वाक् कला अर्थात बोलने में या किसी भी प्रकार का भाषण देने में निपूर्ण होता हैं !

बुध से प्रभावित जातक हंसमुख, कल्पनाशील, काव्य, संगीत और खेल में रुचि रखने वाले, शिक्षित, लेखन प्रतिभावान, गणितज्ञ, वाणिज्य में पटु और व्यापारी होते हैं ! वह बहुत बोलने वाले और अच्छे वक्ता होते हैं ! वह हास्य, काव्य और व्यंग्य प्रेमी भी होते हैं ! इन्हीं प्रतिभाओं के कारण वह अच्छे सेल्समैन और मार्केटिंग में सफल होते हैं ! इसी कारण वह अच्छे अध्यापक और सभी के प्रिय भी होते हैं और सभी से सम्मान पाते हैं ! बुध बहुत सुन्दर हैं !

इसलिये उन्हें आकाशीय ग्रहों में राजकुमार की उपाधि प्राप्त है ! उनका शरीर अति सुंदर और छरहरा है ! वह ऊंचे कद गोरे रंग के हैं ! उनके सुंदर बाल आकर्षक हैं वह मधुरभाषी हैं ! बुध, बुद्धि, वाणी, अभिव्यक्ति, शिक्षा, शिक्षण, गणित, तर्क, यांत्रिकी ज्योतिष, लेखाकार, आयुर्वेदिक ज्ञान, लेखन, प्रकाशन, नृत्य-नाटक, और निजी व्यवसाय का कारक है ! बुध मामा और मातृकुल के संबंधियों का भी कारक है !

क्या होता जब बुध ग्रह खराब असर देने लगता है !

यदि आप पर बुध ग्रह का अशुभ प्रभाव पड़ रहा है तो आपको व्यापार, दलाली, नौकरी आदि कार्यों में नुकसान उठाना पड़ेगा ! बुध ग्रह के कमजोर होने पर व्यक्ति को व्यापर, नौकरी या व्यवसाय में भी हानि हो सकती हैं !
आपकी सूंघने की शक्ति कमजोर हो जायेगी !बुध ग्रह के अशुभ प्रभाव से प्रभावित व्यक्ति की सूंघने की शक्ति कमजोर हो जाती हैं !

समय पूर्व ही दांत खराब हो जायेंगे ! कुंडली में बुध ग्रह की दशा के खराब होने पर व्यक्ति को दांतों से सम्बंधित परेशानियों का सामना करना पड़ता हैं ! बुध ग्रह की दशा खराब होने पर व्यक्ति के दांत कमजोर हो जाते हैं और उन्हें दांतों में दर्द होने की भी शिकायत हो जाती हैं ! आपके मित्रों से संबंध बिगड़ जायेंगे ! संभोग की शक्ति क्षीण हो जायेगी !

इसके अलावा यदि आप तुतले बोलते हैं तो भी बुध ग्रह अशुभ माना जाएगा ! बुध ग्रह के अशांत होने पर मिथुन और कन्या राशी के व्यक्तियों की वाक् कला अर्थात बोलने की क्षमता कम हो जाती हैं !व्यक्ति खुद ही अपने हाथों से बुध ग्रह को खराब कर लेता है, जैसे यदि आपने अपनी बहन, बुआ और मौसी से संबंध बिगाड़ लिए हैं तो बुध ग्रह विपरीत प्रभाव देने लगेगा ! यदि आपकी बहन, बुआ और मौसी किसी विपत्ति में है, तो भी आपका बुध ग्रह अशुभ प्रभाव वाला माना जाएगा !

कुंडली में यदि बुध ग्रह केतु और मंगल के साथ बैठा है तो यह मंदा फल देना शुरू कर देता है ! शत्रु ग्रहों से ग्रसित बुध का फल मंदा ही रहता है ! ऐसे में यह उपरोक्त सभी तरह के संकट खड़े कर देता है ! आठवें भाव में बुध ग्रह शनि और चंद्र के साथ बैठा है तो पागलखाना, जेलखाना या दवाखाना किसी भी एक की यात्रा करा देता है !

जब कुंडली मै बुध और मंगल दोनों नीच राशि मे होते तो जातक कर्ज की स्थिति मे आ जाता है, जो जीवन भर नही उतर पाता है ! बुध ख़राब होने पर स्किन (त्वचा) के रोग हो जाते हैं !

यदि किसी भी स्त्री का बुध शुभ प्रभाव में होता है वह अपनी वाणी के द्वारा जीवन की सभी ऊँचाइयों को छूती हैं, अत्यंत बुद्धिमान, विद्वान् और चतुर और एक अच्छी सलाहकार साबित होती हैं ! व्यापार में भी अग्रणी तथा कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी समस्याओं का हल निकाल लेती हैं !

क्या उपाय या प्रयास करे की बुध ठीक हो ?

यदि कुंडली में बुध ग्रह नीच का या शत्रु ग्रहों के साथ बैठा है तो आपको मां दुर्गा की भक्ति करना चाहिये !

बेटी, बहन, बुआ और साली से अच्छे संबंध रखने चाहिये !

हिजड़ो याने व्रहन्नल्ला की सेवा करें !

झूठ बोलते रहने से बुध अपना बुरा असर जारी रखता है इसलिये सच बोलने का अभ्यास करें !

घर की तुलसी की सेवा रोज करे,ध्यान रखे की तुलसी कभी सूखने नही पाये !

बड़े पत्ते वाले वृक्ष की सेवा करे,जैसे बरगद आदि !

बुध ग्रह की शक्ति के लिए प्रत्येक बुधवार और अमावस्या को व्रत करना चाहिये तथा पन्ना धारण करना चाहिये !

बुध ग्रह की दशा खराब होने पर व्यक्ति को गौ सेवा करनी चाहिये !

बुध ग्रह के प्रभाव से बचने के लिए अपने खाने में से तीन भाग निकाल दें ! अब एक हिस्सा गाय को खिलायें !

दूसरा हिस्सा कौवें को खिलायें तथा तीसरा हिस्सा कुत्ते को खिलायें !

बुध ग्रह की शांति के लिए आप गाय को हरा चारा, हरी घास तथा हरा साग खिला सकते हैं !

बुध ग्रह के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए उड़द की दाल का सेवन करना चाहिये तथा आप इसका दान भी दे सकते हैं !

बुध ग्रह के कमजोर होने पर व्यक्ति को छोटी – छोटी बालिकाओं को भोजन करना चाहिये !

बुध ग्रह के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए व्यक्ति को किन्नरों को हरी साड़ी तथा सुहाग की सारी सामग्री दान करनी चाहिये !

ब्राह्मण को हाथी दांत, हरा वस्त्र, मूंगा, पन्ना, स्वर्ण, कपूर, शस्त्र, खट्टे फल तथा घृत दान करने चाहिये !

नवग्रह मंडल में इनकी पूजा ईशान कोण में की जाती है ! इनका प्रतीक बाण तथा रंग हरा है !

जिन लोगों की कुंडली में बुध अशुभ फल दे रहा है, वह इस दिन साबूत मूंग न खाएं और इसका दान करें !

मंगलवार की रात को हरे मूंग भिगोकर रखें और बुधवार की सुबह यह मूंग गाय को खिलाएं !

हरे मूंग (साबुत), हरी पत्तेदार सब्जी का सेवन और दान, हरे वस्त्र को धारण और दान देना उपुयक्त है !

तांबे के गिलास में जल पीना चाहिये !

अगर कुंडली न हो और मानसिक अवसाद ज्यादा रहता हो तो सफेद और हरे रंग के धागे को आपस में मिला कर अपनी कलाई में बाँध लेना चाहिये !

अगर बुध ग्रह की अंतर्दशा चल रही हैं तो आपको गणेशअथार्विशीर्ष का पाठ करना चाहिये !
याददाश्त (मेमोरी) कम हो जायें इसके लिए हरी मिर्च,आंवला, हरी सब्जियों का खूब सेवन करें !
बुध ग्रह के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए व्यक्ति कनिष्ठा उंगली में पन्ना या ओनेक्स की अंगूठी धारण कर सकते हैं !

इसके अलावा बुध ग्रह के कमजोर होंने पर व्यक्ति को रोजाना माँ दुर्गा की अराधना करनी चाहिये तथा दुर्गा सप्तशती और दुर्गा सप्तश्लोक के मन्त्रों का जाप कर सकते हैं !
गणेशअथर्वशीर्ष का पाठ करे !

पन्ना धारण करे या हरे वस्त्र धारण करे यदि संभव न हो तो हरा रुमाल साथ रक्खे !

बुध के उपरोक्त मन्त्र का जाप करने से भी बुध ग्रह की शान्ति मिलेगी !
बुध मंत्र – इनके जप का बीज मंत्र ‘ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः’ तथा सामान्य मंत्र ‘बुं बुधाय नमः’ है ! बुध मंत्र का जाप 14 बार किया जाता है !

प्रियंगुकलिकाश्यामं रूपेणाप्रतिमं बुधम ! सौम्यं सौम्य गुणोपेतं तं बुधं प्रणमाम्यहम ! !
ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं स: बुधाय् नम: !
ॐ त्रैलोक्य मोहनाय विद्महे स्मरजन काय धीमहि तन्नो विणु: प्रचोदयात् !
जब भी आपका कोई कार्य नही होता तब आप किसी ऐसे व्यक्ति की तलाश करे, जिनका जन्म बुधवार को हुआ, और जिनकी राशि मिथुन या कन्या हो, उससे काम करवाये सफलता अवश्य मिलती है !

अपने बारे में कुण्डली परामर्श हेतु संपर्क करें !

योगेश कुमार मिश्र 

ज्योतिषरत्न,इतिहासकार,संवैधानिक शोधकर्ता

एंव अधिवक्ता ( हाईकोर्ट)

 -: सम्पर्क :-
-090 444 14408
-094 530 92553

comments

Check Also

जन्म से पूर्व ही शिशु के जन्म समय का निर्धारण कैसे करें : Yogesh Mishra

आज के वैज्ञानिक युग में यदि मशीनीकरण हो रहा है एवं चिकित्सा शास्त्र में उन्नति …